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International Gita Mahotsav: कुरुक्षेत्र के 48 कोस में 367 तीर्थ खोजे जा रहे, 182 मिले

On: November 7, 2025 7:46 PM
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International Gita Mahotsav: कुरुक्षेत्र के 48 कोस में 367 तीर्थ खोजे जा रहे, 182 मिले
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कुरुक्षेत्र (International Gita Mahotsav)। गीता जन्म स्थली व महाभारत युद्ध के चलते धर्मनगरी की दुनिया भर में पहचान है। इसे तीर्थों की धरा भी माना जाता है, जो कुरुक्षेत्र के साथ-साथ कैथल, जींद, करनाल व पानीपत तक 48 कोस में फैली है। इस क्षेत्र में 367 तीर्थ माने जाते हैं, जो धीरे-धीरे समय के साथ विलुप्त होते गए लेकिन 1968 से अस्तित्व में आए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से एक-एक कर इन तीर्थों को खोज की जा रही है।

48 कोस तक फैले तीर्थ, एक-एक को खोज रहा बोर्ड

अब तक 182 तीर्थ बोर्ड द्वारा सूचीबद्ध किए जा चुके हैं जबकि इसमें 18 और तीर्थों को शामिल किए जाने की तैयारी है। इन तीर्थों को खोजे जाने के बाद इन्हें भी सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही केडीबी की सूची में 200 तीर्थ होंगे। केडीबी अधिकारियों के अनुसार तीर्थों की खोज लगातार जारी रखी जाएगी।

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International Gita Mahotsav: तीर्थों का दस्तावेजीकरण

प्राथमिक साहित्यिक संदर्भ – महाभारत, पुराण आदि शास्त्रीय ग्रंथों में उल्लेख।
द्वितीयक साहित्यिक स्रोत – ऐतिहासिक, धार्मिक या लौकिक ग्रंथों में संदर्भ।

पुरातात्त्विक एवं स्थापत्य अवशेष – घाट, मंदिर, संरचनाएं या उत्खनन से प्राप्त साक्ष्य।
राजस्व अभिलेख – भूमि का देवता-नाम, जलाशय/मंदिर का प्रमाण।

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लोककथात्मक परंपरा – तीर्थ से जुड़ी कथाएं व प्रसंग।
स्थानीय परंपरा – अस्थि विसर्जन सरस्वती या सहायक नदियों में, हरिद्वार नहीं।

तीर्थों पर मनाया जा रहा गीता महोत्सव

केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि लुप्त हो चुके तीर्थों को तलाश कर उन्हें फिर से पुर्नस्थापित किए जाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक खोजे जा चुके तीर्थों का न केवल जीर्णोद्वार किया जा रहा है बल्कि इन पर गीता महोत्सव व अन्य आयोजन भी किए जाने लगे हैं। आम जन-जन तक इन तीर्थों की महत्ता पहुंचने लगी है। तीर्थ समितियां बनाई गई है, जो केडीबी व अपने-अपने क्षेत्र के लोगों, संस्थाओं के साथ मिलकर समय-समय पर विभिन्न आयोजन कर रही है। तीर्थों को फिर से नया रूप मिलने लगा है।

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1999 में थे 134, 2021 में खोजे गए 18 तीर्थ

वर्ष 1999 में कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के पास 134 तीर्थ सूचीबद्ध थे, जिनका बोर्ड की ओर से तीर्थों के संबंध में प्रकाशित पहली पुस्तक में भी किया गया। वहीं 2021 में 30 तो वर्ष 2023 में 18 तीर्थों को खोजा गया। इसके बाद पिछले वर्ष ही 18 और तीर्थों की खोज की गई।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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