कुरुक्षेत्र (International Gita Mahotsav): विलुप्त होती जा रही लोक संस्कृति विरासत को संजोए और जीवंत रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव बड़ा मंच बना है। देश-प्रदेश से आए लोक कलाकार अपने-अपने राज्यों की लोक संस्कृति से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर कर रहे हैं। सरोवर पर कहीं बीन बांसुरी की स्वर लहरियां गूंज रही हैं तो कहीं ढोल नगाड़े बज रहे हैं। साथ ही डेरू भी पर्यटकों को रोमांचित कर रहा है।
बीन बांसुरी, नगाड़े वादक, डेरू वादक और कच्ची घोड़ी, राजस्थानी लोक कला के साथ-साथ अन्य लोक कलाकारों ने महोत्सव में चार चांद लगा दिए हैं। पर्यटक इन वाद्ययंत्रों का खूब आनंद उठा रहे हैं। महोत्सव में ब्रह्मसरोवर की चारों परिधि में लोक सांस्कृतिक कला का रंग धर्मनगरी के साथ-साथ देश-विदेशों में भी दिखाई दे रहा है।
चटपटी आयुर्वेदिक गोलियों का जायका
सरस व शिल्प मेले में स्टॉल नंबर 12 पर बच्चों के लिए करीब 40 तरह की खट्टी-मीठी टोफियां हैं और बड़ों के लिए आयुर्वेदिक तरीके से बनी गोलियां हैं जोकि शुगर और वजन कम करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
स्टॉल पर कार्यरत गौरव शर्मा और विकास शर्मा ने बताया कि वे हर साल अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में लगे सरस और शिल्प मेले में आते हैं। 40 तरह के उत्पाद उनकी स्टॉल पर मौजूद हैं और ये सभी उत्पाद वे और उनकी टीम खुद बनाती है और इस प्रक्रिया में करीब 12 व्यक्ति काम करते हैं।
बच्चों की ये सभी खाने वाली खट्टी-मीठी गोलियां पूरी साफ-सफाई से और संबंधित सामग्री से तैयार की जाती हैं। स्टॉल पर आम पापड़, अनारदाना, मद्रासी मैंथी, शहद आंवला, हींग पेड़ा, रोस्टेड अलसी आदि सहित कई आयुर्वेदिक उत्पाद उपलब्ध हैं।
International Gita Mahotsav में मची है धूम
महोत्सव में दिल्ली से पहुंचे दयाचंद पिछले 15 साल से आ रहे हैं। उन्होंने हस्त शिल्पकला की गाथा लिखी जिसके चलते उन्हें वर्ष 2005 में एपीजे अब्दुल कलाम ने राष्ट्रपति अवार्ड से भी नवाजा था। इतना ही नहीं वे अपने साथ दिल्ली से टेराकोटा की मिट्टी से बने फ्लावर पोट, साज सजावट का सामान, सुराही, राजस्थानी स्टैचू, उरली, वॉल घड़ी इत्यादि लेकर आए हैं जिसकी कीमत 250 से तीन हजार रुपये तक की है।
वे स्वयं इस सामान को बनाते हैं, उन्होंने यह सामान स्टॉल नंबर 68-69 पर लगाया हुआ है और इसके लिए वे आमजन को अपनी हस्त शिल्प कला भी सिखा रहे हैं जिसके चलते कई लोगों को रोजगार भी मुहैया करवा रहे हैं।













