पानीपत (Lado Lakshmi Panipat)। लाडो लक्ष्मी योजना जिले की महिलाओं तक पहुंचने लगी है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 2100 रुपये की पहली किस्त जमा हो रही है। जिले में 3853 आवेदन में से 1445 स्वीकृत हुए। इनमें से 655 महिलाओं के खातों में राशि पहुंच चुकी है।
Lado Lakshmi Panipat: 2100 रुपये की पहली किस्त
लाडो लक्ष्मी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं या लड़कियों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि वे अपने जीवन में आत्मनिर्भर बन सकें। यह योजना महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से सीधे जुड़ी हैं।
महिलाएं इस योजना के लिए सीएससी केंद्र, महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। सभी आवेदन की जांच संबंधित विभाग द्वारा की जाती है और पात्र महिलाओं को राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
आत्मनिर्भर बनाओ बेटियों को
जिले में अब तक 18,334 महिलाओं ने इस योजना के तहत आवेदन किया है। इनमें से 11,401 महिलाओं के आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 3,199 आवेदन अभी लंबित हैं। विभाग द्वारा 6,704 लाभार्थियों को राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। योजना का लाभ अब जमीनी स्तर पर पहुंचने लगा है। वार्ड 26 की सोनिया ने बताया कि सरकार की इस योजना से हमें बहुत राहत मिली है। बैंक खाते में पहली बार सीधे राशि आई है। इससे महिलाओं को आगे बढ़ने में काफी सहायता मिलेगी।
वार्ड 22 की ज्योति ने बताया कि यह राशि मेरे लिए बड़ी मदद है। मैं इसे अपने जरूरी कामों के लिए उपयोग करूंगी। यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाती है।
वहीं वार्ड 24 की दर्शन ने बताया कि इस योजना ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। इससे हमारे जैसे परिवारों को आर्थिक सहयोग मिला है। इस योजना के माध्यम से बेटियों और महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है।
18 हजार से ज्यादा आवेदन
क्रीड के जिला प्रबंधक डॉ. सोमपाल ने बताया कि जिले में लाडो लक्ष्मी योजना को पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। लक्ष्य है कि जिले की हर पात्र महिला को इस योजना का लाभ मिले। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि विभाग द्वारा नियमित रूप से डेटा की समीक्षा की जा रही है ताकि किसी पात्र महिला को योजना से वंचित न रहना पड़े।












