ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Mahatma Gandhi slogan in Hindi: गांधी जयंती पर बापू के नारे जो आज भी जगाते हैं जोश!

On: October 1, 2025 8:00 PM
Follow Us:
Mahatma Gandhi slogan in Hindi: गांधी जयंती पर बापू के नारे जो आज भी जगाते हैं जोश!
Join WhatsApp Group

Mahatma Gandhi slogan in Hindi: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराने में सबसे बड़ा योगदान दिया। यही वजह है कि उन्हें प्यार से बापू और महात्मा कहा जाता है। हर साल 2 अक्टूबर को उनकी जयंती पूरे देश में धूमधाम से मनाई जाती है। इस दिन को विश्व स्तर पर अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी जाना जाता है। गांधी जी ने हमेशा सत्य, अहिंसा और त्याग का रास्ता अपनाया। उनके नारे और स्लोगन आज भी लोगों में जोश भर देते हैं। इनमें से कई नारे उन्होंने अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने के लिए शुरू किए गए आंदोलनों के दौरान दिए। आइए, जानते हैं उनके कुछ मशहूर नारों के बारे में।

Mahatma Gandhi slogan in Hindi: बापू के प्रेरक नारे

2 अक्टूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे मोहनदास करमचंद गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कई सत्याग्रह और आंदोलनों का नेतृत्व कर भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्ति दिलाई। उनके नारे न सिर्फ आजादी की लड़ाई में प्रेरणा बने, बल्कि आज भी सत्य और अहिंसा का संदेश देते हैं। ये हैं उनके कुछ मशहूर नारे:

करो या मरो

भारत छोड़ो

जहां प्रेम है, वहां जीवन है

Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क
Boss Scam Alert: WhatsApp पर CEO बनकर मांग रहे पैसे, I4C ने कंपनियों को किया सतर्क

भगवान का कोई धर्म नहीं है

जहां पवित्रता है, वहां निर्भयता है

किसी की मेहरबानी मांगना अपनी आजादी बेचना है

कानों का दुरुपयोग मन को दूषित और अशांत करता है

दिल की कोई भाषा नहीं होती, दिल-दिल से बात करता है

रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?
रक्षाबंधन के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, क्या राखी के शुभ मुहूर्त पर पड़ेगा असर?

मैं मरने को तैयार हूं, मगर ऐसी कोई वजह नहीं जिसके लिए मैं मारने को तैयार हूं

लोकतंत्र के लिए ऊपरी ज्ञान नहीं, बल्कि शिक्षा की जरूरत है

हमें इस तरह जीना चाहिए, जैसे हम कल मरने वाले हैं, और सीखना चाहिए जैसे हम वर्षों जीने वाले हैं

भूल करने में पाप है, मगर उसे छिपाने में उससे भी बड़ा पाप है

अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलनों का नेतृत्व

महात्मा गांधी ने अपना पूरा जीवन स्वतंत्रता संग्राम को समर्पित कर दिया। उन्होंने अंग्रेजों को भारत से बाहर करने के लिए कई आंदोलन चलाए। वे न सिर्फ एक राजनेता और राष्ट्रवादी थे, बल्कि एक नैतिकतावादी और वकील भी थे। गांधी जी का बचपन भी अनुशासित रहा। नौ साल की उम्र में उनके पिता ने उन्हें राजकोट के एक स्थानीय स्कूल में दाखिल कराया, जहां उन्होंने गणित, इतिहास, गुजराती और भूगोल जैसे विषय पढ़े। 11 साल की उम्र में वे अल्फ्रेड हाई स्कूल में गए और एक मेधावी छात्र के रूप में उभरे।

Instagram Reels बिना बार-बार स्क्रीन छुए कैसे देखें? जानिए आसान तरीका
Instagram Reels बिना बार-बार स्क्रीन छुए कैसे देखें? जानिए आसान तरीका

शिक्षा से गहरा लगाव

गांधी जी को खेलों में ज्यादा रुचि नहीं थी। उनकी आत्मकथा में भी इसका जिक्र है कि उनकी लिखावट अच्छी नहीं थी। उन्होंने इसे सुधारने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर भी, उन्होंने छात्रों को अपनी लिखावट बेहतर करने की सलाह दी। खेलों के बजाय गांधी जी का झुकाव किताबों और स्कूली शिक्षा की ओर था। उनकी यह लगन और सादगी उन्हें औरों से अलग बनाती थी।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment