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Online food delivery scam: ऑनलाइन फूड डिलीवरी स्कैम से बचने के लिए सतर्क रहें, जानें नए धोखे और बचाव के तरीके

On: जून 1, 2025 8:41 अपराह्न
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Online food delivery scam: ऑनलाइन फूड डिलीवरी स्कैम से बचने के लिए सतर्क रहें, जानें नए धोखे और बचाव के तरीके
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Online food delivery scam Be alert to avoid being cheated, know new frauds and ways to avoid it: फूड ऑर्डर में ठगी से सावधान होने की जरूरत है। अगर आप भी ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप्स से अक्सर खाना ऑर्डर करते हैं, तो यह लेख आपके लिए बेहद ज़रूरी है।

आजकल एक नया स्कैम हो रहा है। इसके तहत ग्राहक, रेस्तरां और डिलीवरी कंपनियां तीनों ही धोखाधड़ी का शिकार बन रहे हैं। आज हम आपको इसकी जानकारी देंगे।

Online food delivery scam: कैसे हो रहा है यह स्कैम ?

आपको बता दें कि इस धोखाधड़ी में डिलीवरी एजेंट उपभोक्ता को खाना पहुंचा देता है, लेकिन एप पर ऑर्डर की स्थिति ‘अनडिलीवर्ड’ दिखाता है। बता दें कि इसके बाद ग्राहक को रिफंड मिल जाता है। कुछ देर बाद वही डिलीवरी एजेंट दोबारा आता है और कहता है कि रिफंड ग़लती से हो गया है, इसलिए यूपीआई या नक़द में पेमेंट करें।

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कई मामलों में स्कैमर ग्राहक को कॉल कर यह भी बताते हैं कि डिलीवरी बॉय का एक्सीडेंट हो गया है और अब रेस्तरां सीधे खाना भेजेगा। इसके बाद वे भुगतान के लिए क्यूआर कोड या यूपीआई आईडी भेजते हैं। ग्राहक के द्वारा किया गया भुगतान सीधे स्कैमर के पास चला जाता है, न कि रेस्तरां को।

क्यों है यह ख़तरनाक?

भरोसे की चोटी पर चोट: फूड डिलीवरी एप्स पर ग्राहक का भरोसा सबसे अहम होता है। जब स्कैम होते हैं, तो उस भरोसे को गहरा नुक़सान पहुंचता है।

रेस्तरां को आर्थिक झटका: खाना तो बनाकर भेज दिया गया, लेकिन पैसे न मिलने से रेस्तरां को सीधा घाटा होता है।

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कानूनी उलझनें: गर भुगतान नक़द किया जाए, तो कोई रिकॉर्ड नहीं रहता और विवाद की स्थिति में ग्राहक और कंपनी दोनों ही असहाय हो सकते हैं।

इन संकेतों पर ध्यान दें

• खाना मिल गया है, लेकिन एप में ऑर्डर ‘अनडिलीवर्ड’ दिख रहा है।
• डिलीवरी एजेंट जबरदस्ती नकद या यूपीआई से भुगतान की मांग कर रहा है।
• डिलीवरी के समय कोई ओटीपी या पुष्टीकरण नहीं मांगा गया।
• डिलीवरी बहुत देर से हुई और एजेंट बहाने दे रहा है।

ऐसे रहें सतर्क

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अगर एप में ऑर्डर ‘डिलीवर नहीं हुआ’ दिखे, लेकिन आपको खाना मिल गया हो, तो दोबारा भुगतान बिलकुल न करें।

• एप के सपोर्ट विकल्प पर जाकर तुरंत शिकायत दर्ज करें। चाहें तो वीडियो रिकॉर्ड करके सबूत के रूप में रखें। कस्टमर केयर को भी कॉल कर सकते हैं।
• नक़द भुगतान करने से बचें। डिजिटल भुगतान से लेन-देन का रिकॉर्ड रहता है, जो जरूरत पड़ने पर काम आ सकता है।
• अगर कोई डिलीवरी बॉय कैंसल ऑर्डर के बाद खाना लेकर आए, तो पहले एप या रेस्तरां से पुष्टि करें।
• डिलीवरी एजेंट से बात करते समय सतर्कता बरतें, बेहतर होगा कि घर के बाहर आकर बात करें।
• अगर एजेंट भुगतान के लिए क्यूआर कोड या यूपीआई की मांग करे, तो पहले एप या रेस्तरां से पुष्टि करें। याद रखें, रेस्तरां सीधे डिलीवरी नहीं करते।

मोनिका गुप्ता

मोनिका गुप्ता एक अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 10 वर्षों से लाइफस्टाइल, एंटरटेनमेंट, ट्रेंडिंग टॉपिक्स और राशिफल पर हिंदी में आकर्षक और जानकारीपूर्ण लेख लिख रही हैं। उनकी रचनाएं पाठकों को दैनिक जीवन की सलाह, मनोरंजन की दुनिया की झलक, वर्तमान ट्रेंड्स की गहराई और ज्योतिषीय भविष्यवाणियों से जोड़ती हैं। मोनिका जी का लेखन सरल, रोचक और प्रासंगिक होता है, जो लाखों पाठकों को प्रेरित करता है। वे विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और न्यूज़ पोर्टल्स (Haryananewspost.com) पर सक्रिय हैं, जहाँ उनकी कलम से निकले लेख हमेशा चर्चा का विषय बन जाते हैं।

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