Shayari on Hariyali in Hindi hariyali shayari 2 line: हरियाली शायरी का जादू सावन के साथ चरम पर होता है। जब बारिश की बूंदें धरती को चूमती हैं, तो हर तरफ हरियाली की चादर बिछ जाती है। पेड़ों की शाखाएं हरे रंग में रंग जाती हैं, खेतों में नई फसलें लहलहाती हैं, और हवा में ठंडक की मिठास घुल जाती है। सावन का ये मौसम सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि एक उत्सव है, जो दिल को सुकून देता है। हमारे शायरों ने इस हरियाली को अपनी शायरी में कुछ इस तरह पिरोया है कि हर शब्द में प्रकृति की खूबसूरती झलकती है। आइए, इस सावन में कुछ ऐसी हरियाली शायरी पढ़ें, जो आपके दिल को छू जाए।
Shayari on Hariyali in Hindi
ग़ुंचों पे अजब शादाबी है और जाग उठी है हरियाली
तम्हीद बहार-ए-ताज़ा का दीदार ये पहली बारिश है
– सुहैल काकोरवी
फिर ‘मुमताज़’ किसी की यादें कूजें बन कर लौटेंगी
मौसम आने वाला है फिर ज़ख़्मों की हरियाली का
– मुमताज़ गुर्मानी
भारत की गुलज़ारों को सरसब्ज़ बनाती जाती हैं
खेतों को हरियाली देती फूल खिलाती जाती हैं
– हामिदुल्लाह अफ़सर
सावन और हरियाली का रिश्ता
सावन आते ही प्रकृति जैसे नया जोश पा लेती है। बारिश की फुहारें, बादलों की गड़गड़ाहट, और हरे-भरे खेतों का नजारा हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। गांव की पगडंडियों से लेकर शहर की गलियों तक, हरियाली हर जगह जीवन का रंग बिखेरती है। शायरों ने इसे अपनी कलम से कुछ इस तरह बयां किया है: “हरियाली की चादर ओढ़े धरती, सावन में बस प्यार बरसाती है।” ऐसी हरियाली शायरी पढ़कर मन में एक अलग ही ठंडक और सुकून भर जाता है। ये शेर न सिर्फ प्रकृति की तारीफ करते हैं, बल्कि हमें इसे सहेजने की प्रेरणा भी देते हैं।
Poetry on hariyali sawan
राख हुई जाती है सारी हरियाली
आंखों में जंगल सा जलता रहता है
– अज़हर इक़बाल
क्या क्या मची हैं यारो बरसात की बहारें
जंगल सब अपने तन पर हरियाली सज रहे हैं
– नज़ीर अकबराबादी
इस धरती पर हरियाली की जोत जगा
काले मेघा पानी दे गर्दानी दे
– ज़ेब ग़ौरी
दिल की ज़मीं तक रौशनियां थीं, चेहरे थे, हरियाली थी
अब तो जहां भी साहिल पाना कश्ती को ठहरा देना
– इरफ़ान सिद्दीक़ी
शायरों की नजर में हरियाली
हमारे मशहूर शायरों ने हरियाली को अपने शब्दों में कुछ इस तरह सजाया है कि हर पंक्ति में सावन की ताजगी झलकती है। जैसे, “हर पत्ती पर बूंदों का नाच, सावन में हरियाली का आलम बेकार न जाए।” ये शेर हमें प्रकृति के करीब ले जाते हैं। चाहे गुलज़ार हों या बशीर बद्र, हर शायर ने हरियाली को अपने अनूठे अंदाज में बयां किया है। इन शायरी को पढ़कर आप भी सावन की ठंडी हवाओं में खो जाएंगे। आप इन्हें व्हाट्सएप या इंस्टाग्राम पर शेयर कर अपने दोस्तों के साथ इस मौसम का मजा दोगुना कर सकते हैं।
हरियाली का उत्सव मनाएं
हरियाली शायरी सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि एक एहसास है। ये हमें याद दिलाती है कि प्रकृति हमारी सबसे बड़ी साथी है। सावन में जब हर तरफ हरा रंग छाया हो, तो क्यों न इसे और खास बनाया जाए? अपने दोस्तों और परिवार के साथ हरियाली पर शायरी शेयर करें। जैसे, “सावन की बूंदें, हरियाली का रंग, दिल को सुकून देता है ये संगम।” इन शायरी को शेयर कर आप न सिर्फ सावन का जश्न मना सकते हैं, बल्कि पर्यावरण को बचाने का संदेश भी फैला सकते हैं।
प्रकृति को सहेजने की प्रेरणा
हरियाली सिर्फ सावन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। हरियाली शायरी हमें ये भी सिखाती है कि प्रकृति को संजोना हमारी जिम्मेदारी है। इस सावन, एक पौधा लगाएं, अपने आसपास के हरे-भरे नजारों को सहेजें। शायरों के शब्द हमें प्रेरित करते हैं कि हम हरियाली को सिर्फ देखें नहीं, बल्कि उसे जिएं। तो इस बार, सावन की हरियाली को अपने दिल में उतारें और इन खूबसूरत शायरी के साथ इस मौसम का जश्न मनाएं।
Hariyali shayari 2 line
हरियाली को आंखें तरसें बगिया लहूलुहान
प्यार के गीत सुनाऊं किस को शहर हुए वीरान
– हबीब जालिब
आंखों आंखों हरियाली के ख़्वाब दिखाई देने लगे
हम ऐसे कई जागने वाले नींद हुए सहराओं की
– जमाल एहसानी
तू ही फूल सितारा सावन हरियाली
और कभी तू नागा-साकी या अल्लाह
– निदा फ़ाज़ली













