ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

शिक्षक दिवस 2025: इन 5 शिक्षकों की कहानियां आपको करेंगी प्रेरित, पेंशन तक खर्च कर बच्चों को बनाया काबिल!

On: सितम्बर 5, 2025 12:59 अपराह्न
Follow Us:
शिक्षक दिवस 2025: इन 5 शिक्षकों की कहानियां आपको करेंगी प्रेरित, पेंशन तक खर्च कर बच्चों को बनाया काबिल!
Join WhatsApp Group

शिक्षक दिवस 2025 (Shikshak Diwas 2025): आज शिक्षक दिवस है, और इस खास मौके पर हम लाए हैं पांच ऐसे शिक्षकों की कहानियां, जिन्होंने शिक्षा की लौ को जलाने के लिए अपनी जेब तक खाली कर दी। झुग्गियों में बच्चों को पढ़ाने से लेकर वेस्ट मटेरियल से लैब बनाने तक, ये शिक्षक सच्चे हीरो हैं। आइए, जानते हैं इनके प्रेरणादायक किस्सों को, जो हर किसी का दिल जीत लेंगे।

झुग्गियों में बच्चों की जिंदगी संवारी

सेक्टर 14 निवासी अनीता ने झुग्गियों में रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। उनका मकसद स्लम एरिया के बच्चों को शिक्षित करना है, ताकि उनको किसी पर आश्रित ना रहना पड़े। अनीता बताती हैं कि 2018 में घर में काम करने वाली एक मेड ने बताया कि वह बच्चों की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकती, इसलिए वह उनकी पढ़ाई बंद करवा रही है। इस पर फिर उन्हें स्लम एरिया में रहने वाले बच्चों को शिक्षित करने की ठानी। वह स्लम एरिया में जाकर रोज दोपहर 12 से 1 बजे तक बच्चों को पढ़ाती हैं। इसके अलावा उनको बैड टच और गुड टच के बारे में भी बताती हैं। शिक्षा के संसाधन बच्चों के पास मौजूद नहीं थे तो स्टेशनरी उपलब्ध करवाई। अभी सेक्टर-14 के पार्ट 2 में बनी झुग्गी-झोपड़ी में 40 बच्चों को पढ़ा रही हैं।

ईंट-भट्ठों से स्कूल तक का सफर

खराब नेटवर्क से हैं परेशान? बिना नंबर बदले ऐसे पोर्ट कराएं सिम, जानें पूरा प्रोसेस | how-to-port-mobile-number-mnp-rules-upc-code-charges-process
खराब नेटवर्क से हैं परेशान? बिना नंबर बदले ऐसे पोर्ट कराएं सिम, जानें पूरा प्रोसेस

गांव किनाला के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में टीचर रमेश सहारण ईंट-भट्ठों पर रहने वाले बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए वे अपने निजी वाहन में बच्चों को स्कूल लेकर आते हैं और शाम के वक्त उनको छोड़कर आते हैं। जेबीटी रमेश सहारण ने बताया कि गांव के पास ईंट-भड़े पर कई मजदूरों के परिवार काम करते हैं। वहां से करीब 15 बच्चे स्कूल में आते हैं। स्कूल में आने-जाने के लिए उनके पास कोई साधन की व्यवस्था नहीं है, इसलिए बच्चे स्कूल नहीं आ पाते थे। जिस कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही थी। इन बच्चों को पढ़ाई बाधित न हो इसलिए टीचरों ने फैसला लिया कि बच्चों को अपने निजी वाहन में स्कूल लेकर आएंगे। टीचर्स और ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 173 हुई है।

35 साल से जरूरतमंदों की मदद

जिले के कैमरी गांव वासी राजकीय कॉलेज से प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त गूगनराम गोदारा पिछले 35 साल से जरूरतमंद विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्चा उठा रहे हैं। जिन सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी है, उन स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलकर समस्या का निदान करवा रहे हैं। वहीं जो बच्चे बीच में किन्हीं कारणों से पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उनकी पहचान करने के बाद प्रो. गूगनराम गोदारा उनके अभिभावकों से मिलते हैं। उनको समझाते हैं कि बच्चे के लिए पढ़ाई बहुत जरूरी है। वे पेंशन से मिलने वाली धनराशि को विद्यार्थियों के हितों के लिए खर्च करते हैं। कॉलेज में पुरातन छात्र एसोसिएशन बनाई जो हर साल 30 होनहार विद्यार्थियों की पढ़ाई का खर्च उठा रही है।

वेस्ट मटेरियल से बनी लैब

बिना एक्टिव सिम के बंद हो जाएगा आपका WhatsApp अकाउंट, जानें DoT का नया 2027 का नियम | whatsapp-telegram-sim-binding-rule-india-deadline-january-2027
बिना एक्टिव सिम के बंद हो जाएगा आपका WhatsApp अकाउंट, जानें DoT का नया 2027 का नियम

खरकड़ी गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले रामलाल मौर्य ने वेस्ट ऑफ बेस्ट फॉर्मूला से स्कूल में गणित और साइंस की लैब स्थापित की। स्कूल लैब को एक कमरे में बनाया गया। स्कूल में पढ़ने वाले पहले से पांचवीं तक के विद्यार्थियों को लैब के अंदर गणित और साइंस के बारे में बताया जाता है। वेस्ट मटेरियल के जरिए उन्होंने लैब स्थापित की है। लैब के अंदर वेस्ट मैटीरियल पेपर, लड़ी, खाली बॉक्स, बैट्री सैल, एलईडी ब्लब, बोर्ड, ग्लू, मार्कर, वायर, कॉटन व खाली माचिस की डिब्बियां इत्यादि से कई प्रकार के मॉडल बनाए हुए हैं। इन मॉडलों के माध्यम से विद्यार्थियों को जमा, घटा और भाग आदि करने में आसानी रहती है। साइंस के मॉडल बनाए हैं। मकसद है विद्यार्थी आसानी से दोनों विषय समझ में आ जाए।

अपनी जेब से शिक्षक रखा

सच्चा शिक्षक वही है, जो शिक्षा से जुड़ी विद्यार्थियों की हर जरूरत पूरी करने के लिए आगे आएं। ऐसा ही किया जेबीटी टीचर सुरेश फ्लू ने थुराना की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। सरकार और शिक्षा विभाग की तरफ से पाठशाला में शिक्षक की नियुक्ति नहीं की गई तो फ्लू ने अपने खर्च पर प्राइवेट शिक्षक नियुक्त कर दिया। दो साल तक अपनी जेब से प्राइवेट शिक्षक को वेतन दिया। नवोदय परीक्षा की तैयारी के लिए बच्चों को कोचिंग की जरूरत महसूस हुई तो अपने खर्च पर मुफ्त कोचिंग सेंटर शुरू करवा दिया। कोचिंग सेंटर के लिए शिक्षक का प्रबंध भी अपनी जेब से किया। पन्नू आज भी अपनी सैलरी का 10 प्रतिशत हिस्सा बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की जरूरतों पर खर्च करते हैं।

सैमसंग गैलेक्सी फिट 4 का पहला लुक लीक, जानिए पतले बेजल्स और नए सेंसर्स की पूरी डिटेल | samsung-galaxy-fit-4-leaks-renders-specs-price-fcc-listing
सैमसंग गैलेक्सी फिट 4 का पहला लुक लीक, जानिए पतले बेजल्स और नए सेंसर्स की पूरी डिटेल

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment