कुरुक्षेत्र (Gita Mahotsav)। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस बार कई मायनों में खास होने वाला है जिसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड से लेकर प्रदेश सरकार व विदेश मंत्रालय ने कई नई पहल की हैं। महोत्सव को इस बार दिव्य गीता ज्योत मिलेगी, जो पूरे महोत्सव के दौरान जलेगी। इसे पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर स्थापित किया जाएगा। वहीं इस बार दुनिया के कौने-कौने तक महोत्सव की धूम पहुंचेगी। वहीं दुनियाभर के देशों से भारत में आने वाले लोगों को एयरपोर्ट पर जहाज से उतरते ही महोत्सव का अहसास होगा।
Gita Mahotsav को दुनिया तक पहुंचाया जाएगा
देश के मुख्य एयरपोर्ट व रेलवे स्टेशनों पर महोत्सव का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। यही नहीं सोशल मीडिया के जरिये भी महोत्सव का स्तर दुनिया तक पहुंचाया जाएगा। महोत्सव के खास प्रचार-प्रसार के लिए 40 डिजाइन तैयार किए गए हैं।
सहभागी बन चुके विदेश मंत्रालय की पहल पर दुनिया के 52 देशों में महोत्सव को दिखाया जाएगा। सात देशों की खास प्रदर्शनी पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर लगाई जाएगी जिसमें इन देशों की विशेष शिल्प कला के साथ-साथ संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे।
पुरुषोत्तमपुरा बाग में मुख्य मंच पर मचेगा धमाल
महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से शुरू होंगे, जो 1 दिसंबर तक जारी रहेंगे। इसके लिए ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में मुख्य मंच तैयार किया गया है, जहां देश-विदेश के कलाकार धमाल मचाएंगे और वहीं संत सम्मेलन में देशभर के संत महात्मा भी मंथन करेंगे। इसके साथ ब्रह्मसरोवर के तटों पर चारों ओर पंजाब, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, आसाम, केरल, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उड़ीसा सहित देशभर से आने वाले कलाकारों के लिए घाटों को सजाया गया है।
देश के जाने माने कलाकारों को आमंत्रित करने की जिम्मेदारी उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केंद्र पटियाला और हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग को सौंपी गई है। इन विभागों की ओर से 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक चलने वाले मुख्य कार्यक्रमों में प्रस्तुति दी जानी है। इसके लिए रोस्टर शेड्यूल भी तैयार किया गया है। 25, 26 व 30 नवंबर को एनजेडसीसी और 24, 27, 28, 29 व 1 दिसंबर को हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के माध्यम से प्रस्तुतियां होंगी।
यही नहीं 15 देशों के 25 स्कॉलर भी धर्मनगरी पहुंच रहे हैं, जो तीन दिन तक कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन में गीता पर मंथन करेंगे। यही नहीं त्रिनिदाद और टोबैगो से 20 प्रकांड ब्राह्मण भी महोत्सव में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं 60 से ज्यादा विदेशी भाषाओं में प्रकाशित गीता भी प्रदर्शित की जाएगी।













