The story of the pen, the world’s most expensive pens and the controversies related to them: पैन जिसे हम कलम भी कहते हैं का इतिहास रोचक रहा है। कहा जाता है कि ईसा से लगभग 4000 साल पहले पैन बनाए गए थे। तभी से यह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। कुछ पैन ऐसे भी हैं जिन्होंने इतिहास रच दिया। कुछ तो बेहद साधारण थे जिन्हें महान हस्तियों ने चलाकर अमर कर दिया और कुछ ऐसे हैं जो अपनी बनावट के चलते दुनिया के सबसे महंगे पैन में शामिल हो गए हैं।
The story of the Pen: रिप्पल एचआरएच विस्कांटी
18 कैरेट वाइट गोल्ड से बने इस पैन में टू-टोन 18 कैरेट गोल्ड निब लगाई गई है। इसकी कीमत 57,000 डॉलर से भी ज्यादा है। इसके दो वैरिएशन हैं वाइट गोल्ड और ब्लैक। पावर फिलर इनोवेटिव फिलिंग का कॉन्सेप्ट खुद इसके डिजाइनर विस्कांटी ने ही बनाया और इसे अपने बेमिसाल पैनों में इस्तेमाल भी किया।
कॉन्वे स्टीवर्ट वेस्टमिंस्टर टील
दो हजार के आसपास कीमत वाले कॉन्वे स्टीवर्ट टील पैन ब्रिटिश पैन कंपनी ने जारी किए हैं। इन्हें डिजाइन करने में वेस्टमिंस्टर पैलेस में मौजूद गोथिक स्टाइल को काफी हद तक कॉपी किया गया है। इस पर इंग्लैंड के कुछ महत्वपूर्ण प्रतीक भी डिजाइन किए गए हैं। इसमें 100 फाउंटेन व 100 रोलर बॉल पैन के लिमिटेड एडीशन कंपनी ने जारी किए हैं।
एंटोनियो गॉडी
एंटोनियो गॉडी नाम के आर्किटेक्ट के लिए श्रद्धांजलि स्वरूप बनाए गए ला मॉडर्निस्टा नाम के इस पेन को एक स्विस कंपनी ने 1999 में बनाया था। रोडियम और सॉलिड सिल्वर से बने इन पेनों की खासियत है कि इसकी 18 कैरेट रोडियम कोटेड गोल्ड निब है। 96 रूबीज 32 कैरेट की हैं और 5072 वेसलटन डायमंड्स 20 कैरेट के। इसकी कीमत 2,65,000 डॉलर रखी गई है।
ला डोना मेनागिरी
कॉर्टियर हाउस से खासतौर पर हैंडक्रॉ टेड ला डोना को पेन की मोस्ट एक्जीक्विट डिजाइनर रेंज माना जाता है। 4000 डॉलर की शुरुआती प्राइस के साथ ला डोना की रेंज सिने स्टार मारिया फेलिक्स के नाम पर जारी खास पैन सीरीज तक पहुंचती है।
महात्मा कलैक्शन और विवाद
महात्मा गांधी के नाम पर मॉन्ट ब्लांक की ओर से जारी किए लिमिटेड एडीशन पैन को लेकर विवाद हुआ था। 11 लाख से भी ज्यादा कीमत के इस पेन को लेकर कहा जा रहा था कि उनके जैसी सादगी पसंद शख्शियत पर ऐसा पैन उनके आदर्शों के खिलाफ है, लेकिन इससे ज्यादा कमाल की बात यह है कि बाजार में इससे भी महंगे पैन लॉन्च हो रहे हैं।
लगभग बारह लाख (11.39 लाख की मूल कीमत वाले) के 241 लिमिटेड एडीशन पैन कलैक्शन के अलावा 3000 डॉलर के 3000 पैन भी कंपनी ने जारी किए गए थे। गांधी परिवार के तुषार गांधी इसे अच्छा कदम बताते हैं। मॉन्ट ब्लांक की ओर से तुषार के चैरिटेबल फाउंडेशन को 1,45,000 डॉलर मिल चुके हैं। पैनों की संख्या 241 तक सीमित रखने के बारे में कंपनी का कहना है कि नमक सत्याग्रह के दौरान वे 241 किमी चले थे इसीलिए पैनों की संख्या सीमित रखी गई।













