अंबाला (Vande Bharat bookings)। फिरोजपुर से दिल्ली के बीच चली वंदे भारत एक्सप्रेस में दूसरे दिन सीटों की बुकिंग में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। बठिंडा सहित पटियाला से काफी संख्या में यात्री ट्रेन में सवार हुए। वहीं अंबाला स्टेशन से भी 20 के करीब यात्रियों ने ट्रेन पकड़ी। ट्रेन के संचालन के लिए रेलवे स्थानीय स्तर पर भी प्रचार-प्रसार में जुट गया है। बीच रास्ते के सभी स्टेशनों पर उद्दोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को ट्रेन संचालन से जुड़ी प्रत्येक जानकारी दी जा रही है ताकि अधिक से अधिक यात्री ट्रेन में सफर कर सकें।
Vande Bharat ट्रेन के संचालन से फायदा होगा
अंबाला मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक एनके झा ने कहा कि यात्रियों को ट्रेन की जानकारी दी जा रही है। पहले दिन 40 प्रतिशत के करीब और दूसरे दिन 45 प्रतिशत के करीब यात्रियों ने वंदे भारत में सफर किया है। बठिंडा सहित पटियाला के यात्रियों को इस ट्रेन के संचालन से सीधा फायदा होगा।
राजपुरा स्टेशन पर ठहराव की मांग
फिरोजपुर से चलने के बाद ट्रेन का पहला ठहराव बठिंडा रेलवे स्टेशन पर है। इसके बाद ट्रेन धूरी से होते हुए पटियाला स्टेशन पर पहुंचती है और फिर पटियाला से सीधा अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर रुकती है, वहीं बीच रास्ते के राजपुरा रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत के ठहराव की मांग जोड़ पकड़ने लगी है। इस संबंध में जल्द ही स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधि मंडल अंबाला के मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन सौंपेगा ताकि ट्रेन का ठहराव राजपुरा स्टेशन पर भी दिया जा सके।
नई ट्रेन की सुगबुगाहट
फिरोजपुर-दिल्ली के बीच पानीपत के रास्ते चलाई गई वंदे भारत के अलावा एक नई ट्रेन के संचालन को लेकर भी सुगबुगाहट शुरु हो गई है। जानकारी मिली है कि आने वाले समय में रेलवे बठिंडा से हजरत निजामुद्दीन तक एक नई वंदे भारत का संचालन कर सकता है जोकि अंबाला-सहारनपुर रेल खंड से होते हुए गंतव्य स्टेशन तक पहुंचेगी।
15 साल पहले चली थी शताब्दी
लगभग 15 साल पहले बठिंडा से नई दिल्ली रेल खंड पर शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन किया गया था, लेकिन अधिक किराया होने के कारण ट्रेन को यात्री नहीं मिले और तीन माह में ही रेलवे को घाटे का हवाला देते हुए शताब्दी का संचालन बंद करना पड़ा था, लेकिन अब रेलवे ने ट्रेन के संचालन से पहले बठिंडा और पटियाला से ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों का आकलन किया है ताकि इस ट्रेन को भी बंद करने की नौबत न आए।












