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Bihar Aaj Aur kal ka Mausam: बिहार में 79 साल का रिकॉर्ड टूटा, फसलों पर संकट, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

On: अप्रैल 15, 2025 8:37 पूर्वाह्न
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Bihar Aaj Aur kal ka Mausam: बिहार में 79 साल का रिकॉर्ड टूटा, फसलों पर संकट, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
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Bihar Aaj Aur kal ka Mausam kaisa Rahega 15 April 2025: बिहार में मौसम ने करवट ले ली है। जहां देश के कई हिस्सों में गर्मी और लू का प्रकोप है, वहीं बिहार में अप्रैल की बेमौसम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाएं, आंधी-तूफान और वज्रपात के साथ हो रही बारिश ने न सिर्फ लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया, बल्कि किसानों की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पटना में इस बार अप्रैल की बारिश ने 79 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। आइए, इस अनोखे मौसमी बदलाव की कहानी और इसके पीछे की वजहों को समझते हैं।

Bihar Aaj Aur kal ka Mausam: अप्रैल में बारिश का रहस्य

आमतौर पर अप्रैल का महीना बिहार में गर्मी का होता है, लेकिन इस बार मौसम ने सभी को हैरान कर दिया। पटना मौसम विभाग के निदेशक आशीष कुमार के मुताबिक, इस बेमौसम बारिश के पीछे कई कारण हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, ट्रफ रेखा का बिहार से गुजरना और पश्चिमी विक्षोभ का असर इस बारिश का कारण बन रहे हैं। जलवायु परिवर्तन ने भी मौसम के मिजाज को और उलझा दिया है। इन सबके मिलने से बिहार में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। यह मौसमी बदलाव न सिर्फ असामान्य है, बल्कि इसके प्रभाव भी गहरे हैं।

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पटना में टूटा 79 साल का रिकॉर्ड

पटना में इस साल अप्रैल की बारिश ने इतिहास रच दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 11 अप्रैल 2025 को एक दिन में 42.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले 79 सालों में अप्रैल के महीने में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 16 अप्रैल 1883 को 34 मिलीमीटर बारिश का रिकॉर्ड था। यह बारिश न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ने वाली थी, बल्कि इसने तापमान को भी नियंत्रित रखा। इस सीजन में पटना का सबसे गर्म दिन 6 अप्रैल को था, जब तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आमतौर पर अप्रैल में 40 डिग्री से ज्यादा तापमान देखने को मिलता है, लेकिन बारिश ने इस बार गर्मी को काबू में रखा।

आज भी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में आज भी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। भागलपुर, जमुई, खगड़िया, मुंगेर और बांका में तेज हवाओं (50-60 किमी प्रति घंटा) के साथ मेघगर्जन और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, पटना, नालंदा, गया, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, जहानाबाद, लखीसराय, सुपौल, किशनगंज, अररिया, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा और कटिहार में भी एक-दो जगहों पर बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, खासकर खुले इलाकों में बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए।

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फसलों पर बारिश की मार

बिहार में इस बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रबी की फसलें, जिनकी बुवाई नवंबर-दिसंबर में होती है, आमतौर पर जनवरी-फरवरी की बारिश से फलती-फूलती हैं। लेकिन अप्रैल में बारिश और आंधी-तूफान ने गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं से फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों के चेहरों पर मायूसी छा गई है। यह नुकसान न सिर्फ आर्थिक है, बल्कि यह किसानों की मेहनत पर भी चोट है।

लोगों के लिए सावधानी जरूरी

इस मौसमी उथल-पुथल के बीच बिहार के लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि बारिश और वज्रपात के दौरान पेड़ों के नीचे न खड़े हों और खुले मैदानों से बचें। घरों में बिजली के उपकरणों को अनप्लग रखें और तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहें। किसानों को भी सुझाव दिया गया है कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाएं, जैसे खेतों से पानी निकालना और क्षतिग्रस्त फसलों का आकलन करना।

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जलवायु परिवर्तन का असर

यह बेमौसम बारिश जलवायु परिवर्तन का एक जीता-जागता उदाहरण है। मौसम के पैटर्न में बदलाव, बारिश का अनियमित होना और तापमान की अनिश्चितता अब आम बात हो गई है। बिहार में अप्रैल की यह बारिश हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमें अपने पर्यावरण को बचाने के लिए और क्या करना चाहिए। यह सिर्फ मौसम की मार नहीं, बल्कि प्रकृति का हमें चेतावनी देने का तरीका भी है।

मौलिक गुप्ता

मौलिक गुप्ता एक प्रतिभाशाली और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 8 वर्षों से एंटरटेनमेंट और ट्रेंडिंग टॉपिक्स पर आकर्षक और ताज़ा खबरें लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ बॉलीवुड, टीवी, सेलिब्रिटी अपडेट्स, वायरल ट्रेंड्स और सोशल मीडिया की हलचल को कवर करती हैं, जो पाठकों को मनोरंजन की दुनिया से जोड़े रखती हैं। मौलिक का लेखन शैली जीवंत, रोचक और समयानुकूल है, जो युवा और विविध पाठकों को आकर्षित करता है। वे Haryananewspost.com न्यूज़ प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हैं, जहाँ उनके लेख ट्रेंडिंग विषयों पर गहरी अंतर्दृष्टि और मनोरंजक जानकारी प्रदान करते हैं।

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