Chandigarh Rainfall (चंडीगढ़) : इस बार अगस्त के महीने में जमकर बारिश हो रही है। अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश साल 2004 में हुई थी। तब 718 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद 2025 में अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। इस साल के अगस्त में 383.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। बीते 20 साल में अगस्त के महीने में इतनी बारिश कभी भी नहीं हुई।
मौसम विभाग चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि इस समय एक वेस्टर्न डिस्टर्बेस एक्टिव है। मॉनसून ट्रफ भी उत्तर की ओर है। ऐसे में इस रीजन ज्यादा बारिश हो रही है। इस सिस्टम के चलते अगले 24 से 48 घंटे मैदानों और पहाड़ों पर भारी बारिश के आसार बन रहे हैं। जमीन पर ज्यादा नमी होने की वजह से मौसम में थोड़ी ठंडक हो गई है। इसी तरह से एक-दो बारिश के स्पैल और आ जाते हैं तो समय
से 10 से 15 दिन पहले ठंड आ सकती है। इस बीच रविवार को
ऊपरी हवा का चक्रवात उत्तरी राजस्थान और पंजाब पर
मौसम विशेषज्ञ डॉ. डीपी दूबे ने बताया कि बारिश ज्यादा होने की वजह है कि एक ऊपरी हवा का चक्रवात उत्तरी राजस्थान और उससे लगे हुए पंजाब और दिल्ली के एरिया खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आ के र स्थित है। इससे अभी भी बंगाल की रही है। मौसम विभाग ने रेड अलर्ट इसी के आधार पर जारी किया है। रेड अलर्ट में तीव्र बारिश की संभावना होती है। यह स्थिति तीन सितंबर सकती है। इसके बाद बारिश में थोड़ी कमी आएगी। उस समय अपर एयर सर्कुलेशन कमजोर हो जाएगा। दिन का अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री कम रहा।
अब 2 दिन रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले दो दिन के लिए तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका जताई है। वहीं मौसम विशेषज्ञों ने अगले 48 घंटों में हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ों पर 250 से 500 एमएम बारिश होने की आशंका जताई है। सोमवार को बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रह सकता है। मंगलवार को बारिश हो सकती है। अधिकतम 26 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रह सकता है।
मछली पकड़ने गए युवक का 2 दिन बाद मिला शव
शुक्रवार को सुखना चो में मछली पकड़ने गए 26 साल के श्याम प्रेमचंद का रविवार को शव मिला। बापूधाम कॉलोनी निवासी प्रेमचंद के भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। घरवालों ने बताया कि शुक्रवार को बेटा अपने दोस्तों के साथ रेलवे ब्रिज के साथ सटे सुखना चो में मछली पकड़ने गया था। सुखना लेक के फ्लड गेट बीच-बीच में खोले जा रहे थे। जब सभी मछली पकड़ रहे थे तो श्याम का पैर फिसल गया और बहाव के साथ आगे बह गया।
बहाव से दूर ही रहें
चंद रुपयों की मछली या पानी में नहाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें। पहाड़ों में तेज बारिश हो रही है। नदी-नालों में अचानक बहाव तेज हो जाता है, इसलिए इन दिनों में तेज बहाव से दूर ही रहें।
डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी तैयार, कंट्रोल रूम एक्टिव
अगले दो दिनों के लिए चंडीगढ़ में भी बारिश को लेकर रेड अलर्ट है। कंट्रोल रूम से कोर्डिनेशन से इसमें काम हो रहा है। हाल ही में सिविल डिफेंस वालंटियर्स के तौर पर भी करीब 500 से ज्यादा युवाओं अन्य लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। उनमें से प्रत्येक को सेक्टर वाइज जिम्मेदारी दी गई है।
डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने कहा कि ज्यादा फोकस चंडीगढ़ के रूरल एरिया के लिए है। उन जगहों पर जहां पुरानी टेनामेंट्स साइट्स है और तेज बारिश के चलते किसी तरह से निर्माण को नुकसान हो सकता है। डिजास्टर मैनेजमेंट के कंट्रोल रूम को 24 इनटू 7 के तौर पर एक्टिव कर दिया गया है।
112 अगर ज्यादा लोगों को रेस्क्यू करना पड़ा तो दूसरे विकल्प भी रिजर्व कैटेगरी में रखे गए हैं। रेस्क्यू किए गए लोगों के लिए खाने की व्यवस्थ रेड क्रॉस की तरफ से चलाई जा रही अन्नपुर्णा योजना के जरिए की जाएगी। सुखना चो के आसपास के एरिया को छोड़ने के बाद किशनगढ़, लेकर ज्यादा दिक्कत है। लेक से पानी और बाकी एरिया को लेकर भी पुलिस के साथ ही डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमों को अलर्ट किया गया है।
रेस्क्यू, ठहराने से लेकर खाना मुहैया करवाने की तैयारी
सेक्टर-17 में रैन बसेरा है, इसलिए चंडीगढ़ में कोई इमरजेंसी होती है और वहां से लोगों को रेस्क्यू करना पड़ता है तो उनको यहां रैन बसेरा में ठहराया जाएगा। डीसी के मुताबिक यहां 100 में लोगों तक के ठहरने की व्यवस्था है। लेकिन कई एरिया ऐसे हैं जहां पर जलभराव हो जाता है। मौसम को देखते हुए प्रशासन के डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने भी लोगों को रेस्क्यू करने से लेकर उनको ठहराने और खाना पहुंचाने तक की पूरी तैयारी कर ली है।













