Kurukshetra school bus accident: Children saved their lives after heart attack, major accident averted: कुरुक्षेत्र के BR चौक के पास एक निजी स्कूल की बस बच्चों से भरी हुई थी। अचानक बस चालक को (school bus driver heart attack) आ गया और वह स्टेरिंग पर गिर पड़ा। बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खदानों में जा गिरी। उस समय बस में करीब 70 से 80 बच्चे मौजूद थे जो पंजाबी धर्मशाला से खेल प्रतियोगिता से लौट रहे थे।
हादसे के बाद मौके पर मौजूद समाजसेवी सुनील राणा ने बताया कि उन्होंने बच्चों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन बच्चों की समझदारी ने सबकी जान बचा ली।
बच्चों ने दिखाई बहादुरी, हादसा टल गया Kurukshetra school bus accident
जब चालक बेहोश हो गया, तब बस बिना नियंत्रण के आगे बढ़ती रही। लेकिन बच्चों ने घबराने की बजाय (children save bus) समझदारी से काम लिया और किसी तरह बस को रोकने की कोशिश की। उनकी सूझबूझ से बस पूरी तरह पलटने से बच गई और सभी बच्चे सुरक्षित बाहर निकल आए।
यह घटना बताती है कि बच्चों को आपातकालीन स्थितियों में कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए, इसकी ट्रेनिंग देना कितना जरूरी है। उनकी बहादुरी ने एक बड़ा हादसा टाल दिया।
प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल
समाजसेवी सुनील राणा ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को एक ही बस में भेजना लापरवाही है। अगर हादसा गंभीर होता तो इसका जिम्मेदार कौन होता? (school bus safety issue) अब एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
इस घटना ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था और ड्राइवरों की स्वास्थ्य जांच को लेकर प्रशासन को चेताया है। उम्मीद है कि अब ऐसी घटनाओं से सबक लिया जाएगा और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।













