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Organic Farming से ₹1 करोड़ का कारोबार: मोनिका मोहिते की कहानी

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Organic Farming से ₹1 करोड़ का कारोबार: मोनिका मोहिते की कहानी
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1 crore business from organic farming: Story of Monica Mohite: जैविक खेती (Organic Farming) को अपनाकर महाराष्ट्र की मोनिका मोहिते ने किसानों के लिए एक नई मिसाल कायम की है। उनके पारखी ऑर्गेनिक फार्म्स ने 40 एकड़ में फैले टिकाऊ खेती के मॉडल से सालाना ₹50 लाख से ₹1 करोड़ का कारोबार हासिल किया है।

फसलें, पशुपालन और नवाचारों के साथ उनका फार्म एक जीवंत इकोसिस्टम है। मोनिका की कहानी न केवल प्रेरणा देती है, बल्कि यह सिखाती है कि मेहनत और सही दृष्टिकोण से जैविक खेती (Organic Farming) में सफलता संभव है।

पारखी ऑर्गेनिक फार्म्स: परिवार और परंपरा की नींव organic farming

महाराष्ट्र के कोल्हापुर की मोनिका मोहिते ने अंग्रेजी साहित्य और कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई के बाद जैविक खेती (Organic Farming) को चुना। यह निर्णय उनके बेटे के रेसिंग करियर से प्रेरित था, जब उन्हें शुद्ध और पौष्टिक भोजन की जरूरत महसूस हुई।

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पारखी फार्म्स का नाम उनकी सास पार्वती और बेटी ख्याति से प्रेरित है। यह फार्म 40 एकड़ में फैला है, जहां सोयाबीन, गन्ना, आम, चीकू, धान और दालों की खेती होती है। मोनिका ने भोपाल के ICAR-CIAE से प्रशिक्षण लिया और विशेषज्ञों की सलाह से खेती सीखी। आज उनका फार्म टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) का प्रतीक है।

नवाचार और उत्पाद: पर्यावरण के साथ कदम

पारखी फार्म्स में सोयाबीन से प्रोटीन युक्त आटा और गन्ने से जैविक गुड़ पाउडर (Organic Jaggery Powder) बनाया जाता है। उनके 150 आम के पेड़ों से गूदा निकाला जाता है, जो फल उत्पादों में इस्तेमाल होता है। गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती (Cow Dung Incense) उनका अनूठा नवाचार है,

जो पर्यावरण के लिए सुरक्षित है और शहरी बाजारों में लोकप्रिय है। ताजा सब्जियां और अंडे रोजाना बिकते हैं, जिससे नियमित आय होती है। मोनिका का यह मॉडल पशुपालन (Animal Husbandry) और मुर्गीपालन को भी जोड़ता है, जो एक आत्मनिर्भर इकोसिस्टम बनाता है।

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चुनौतियां और प्रेरणा: किसानों का भविष्य

मोनिका ने जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने में कई चुनौतियों का सामना किया। शुरुआत में स्थानीय किसानों और मजदूरों को गोबर खाद और प्राकृतिक कीटनाशकों (Natural Pesticides) पर भरोसा दिलाना मुश्किल था। धूपबत्ती जैसे नवाचारों का मजाक भी उड़ा।

लेकिन उनके परिणामों ने सबको प्रभावित किया। मोनिका कहती हैं कि किसानों को उचित दाम और बाजार तक पहुंच न मिलने से जैविक खेती रुकती है। वह बिचौलियों को हटाकर सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने की वकालत करती हैं। उनकी सफलता और ग्लोबल फार्मर बिजनेस नेटवर्क (Global Farmer Business Network) से जुड़ाव अन्य किसानों के लिए प्रेरणा है।

जैविक खेती (Organic Farming) के जरिए मोनिका मोहिते ने न केवल आर्थिक सफलता पाई, बल्कि पर्यावरण और सेहत को भी बढ़ावा दिया। उनकी कहानी हर किसान के लिए एक प्रेरणा है।

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भारत मेहंदीरत्ता

भारत मेहंदीरत्ता एक अनुभवी पत्रकार और लेखक हैं, जो पिछले 11 वर्षों से ऑटो और क्रिकेट से जुड़ी खबरों पर रोचक और तथ्यपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री की नवीनतम जानकारियों, जैसे कार-बाइक लॉन्च, प्राइस अपडेट्स, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, के साथ-साथ क्रिकेट की दुनिया की रोमांचक खबरों, जैसे मैच अपडेट्स, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टूर्नामेंट विश्लेषण को कवर करती हैं। भारत का लेखन शैली जीवंत, गहन और पाठक-केंद्रित है, जो ऑटो और क्रिकेट प्रेमियों को समान रूप से आकर्षित करता है।

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