Bhiwani News, (भिवानी) : भिवानी में इस बार 15 साल की रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले में सामान्य से 40% ज्यादा 369.8 मिमी बारिश हो चुकी है, जिसने 1.24 लाख किसान परिवारों की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया। 44 गांवों में 1,11,230 एकड़ खेतों में 3 से 5 फीट पानी भरा है, जिससे कपास, बाजरा, मूंग और ग्वार की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं। धान की फसल भी नुकसान की कगार पर है। जिले के 2.46 लाख हेक्टेयर में खरीफ की बिजाई हुई थी, लेकिन भारी बारिश और जलभराव ने सब कुछ तबाह कर दिया।
44 गांवों में बर्बादी का मंजर
भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट और कृषि विशेषज्ञों के विश्लेषण के अनुसार, जिले के उत्तर-पूर्वी हिस्से के 45 गांवों और राजस्थान बॉर्डर से सटे 126 गांवों में खरीफ की फसलें 60 से 100% तक बर्बाद हो चुकी हैं। खासकर 44 गांवों में कपास, बाजरा, मूंग और ग्वार की फसलें पानी में डूब गई हैं। तोशाम ब्लॉक का सागवान गांव पूरी तरह जलमग्न है, जहां 80% लोग घर छोड़कर चले गए हैं।
सिंचाई विभाग का राहत प्रयास
सिंचाई विभाग के 200 कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। 126 अस्थाई बिजली मोटर और इंजन पंपसेट के साथ 127 स्थाई बीटी पंपसेट लगाकर प्रतिदिन 1280 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। लेकिन ड्रेन और नहरें ओवरफ्लो होने से हालात सुधर नहीं रहे। चांग ड्रेन, भिवानी-घग्गर ड्रेन, समैण धनाना ड्रेन जैसी नहरों की हालत खराब है, और उनके सर्विस रोड व बर्म धंस चुके हैं।
किसानों ने दर्ज कराया नुकसान
कृषि विभाग के डॉ. संजय मैचू ने बताया कि इस बार किसानों ने कपास का रकबा घटाकर धान की बिजाई बढ़ाई थी। 99,940 किसानों ने 5,53,272.34 एकड़ में खरीफ फसलों का ब्योरा दर्ज किया है। सरकार ने 15 सितंबर तक नुकसान का ब्योरा मांगा है। बहल, बवानी खेड़ा, भिवानी, लोहारू, सिवानी और तोशाम ब्लॉक के किसानों ने अपनी फसलों का विवरण दिया है।
जलभराव से राहत की उम्मीद
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हांसी ब्लॉक के बास, सिंघवा और मदनहेड़ी गांवों के किसानों ने मांग की थी कि मुंढाल से धनाना लिंक ड्रेन में पानी की निकासी हो। अगर ये गांव ड्रेन से जुड़ते हैं, तो पानी भिवानी-घग्गर ड्रेन तक निकल सकता है। किसान प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।













