ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

Cattle in Summer: गर्मी में गाय-भैंस का दूध कम? इन आसान उपायों से मिलेगी बाल्टी भर दूध

On: मई 2, 2025 9:47 पूर्वाह्न
Follow Us:
Cattle in Summer: गर्मी में गाय-भैंस का दूध कम? इन आसान उपायों से मिलेगी बाल्टी भर दूध
Join WhatsApp Group

Cattle in summer, Less cow and buffalo milk in summer? With these simple measures, you will get a bucket full of milk: गर्मी का मौसम न केवल इंसानों, बल्कि पशुओं के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है। तपती धूप और उमस के कारण गाय और भैंस का दूध उत्पादन अक्सर कम हो जाता है।

लेकिन सही देखभाल और पोषण से आप इस समस्या को आसानी से हल कर सकते हैं। पशुपालकों के लिए कुछ आसान और कारगर उपाय लेकर आए हैं, जो दूध की मात्रा बढ़ाने में मदद करेंगे। आइए, इन उपायों को विस्तार से जानते हैं।

ठंडी जगह और छाया का इंतजाम Cattle in summer

गर्मी में पशुओं को तरोताजा रखने का पहला कदम है उन्हें सही माहौल देना। कृषि विधान केंद्र, बलहा मकसूदन पुपरी के पशु वैज्ञानिक डॉ. किंकर कुमार के अनुसार, गाय और भैंस को धूप से बचाने के लिए छायादार या ठंडी जगह पर रखना जरूरी है। इससे उनका शरीर ज्यादा गर्म नहीं होगा और तनाव कम होगा।

सुबह के समय पशुओं को खुली जगह में चरने देना भी फायदेमंद है, क्योंकि इस समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा होता है।

औषधीय पौधों की खेती कैसे शुरू करें? जानिए शतावर, मूसली और मेंथा का सटीक बाजार भाव | medicinal-plants-farming-shatavari-mentha-ashwagandha-profit-cost-market-rate
औषधीय पौधों की खेती कैसे शुरू करें? जानिए शतावर, मूसली और मेंथा का सटीक बाजार भाव

संतुलित आहार है जरूरी

गर्मी में पशुओं का आहार उनकी सेहत और दूध उत्पादन का आधार होता है। डॉ. किंकर कुमार सलाह देते हैं कि सुबह के समय हरा चारा, जैसे हरा मक्का, अधिक मात्रा में देना चाहिए।

यह चारा न केवल पौष्टिक होता है, बल्कि शरीर को ठंडक भी प्रदान करता है। इसके साथ ही सूखा चारा और लहसुन को आहार में शामिल करें, ताकि पाचन बेहतर रहे और पशुओं को जरूरी ऊर्जा मिले। संतुलित आहार दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों को बढ़ाता है।

मिनरल्स और टॉनिक का महत्व

पशुओं के आहार में मिनरल्स की कमी को पूरा करना बेहद जरूरी है। रोजाना 50 ग्राम मिनरल मिक्सर और 50 ग्राम नमक मिलाने से पशुओं को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं।

यह न केवल उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि दूध उत्पादन को भी बढ़ाता है। कुछ पशुपालक टॉनिक का भी उपयोग करते हैं, जो पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

PM Kisan 24th Installment: क्या दिवाली से पहले आएगी अगली किस्त? जानें सरकार का ताजा अपडेट | pm-kisan-24th-installment-expected-date-ekyc-land-seeding-update
PM Kisan 24th Installment: क्या दिवाली से पहले आएगी अगली किस्त? जानें सरकार का ताजा अपडेट

पानी: गर्मी में सबसे बड़ा हथियार

गर्मी में पानी पशुओं की सबसे बड़ी जरूरत है। गाय और भैंस को दिनभर में 60 से 80 लीटर साफ पानी देना चाहिए। पानी की कमी से पशु कमजोर हो सकते हैं और दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

अगर पानी में 50 ग्राम नमक, 50 ग्राम मिनरल मिक्सर और 100-150 ग्राम गुड़ मिलाया जाए, तो यह पशुओं के लिए ऊर्जा का स्रोत बनता है। यह मिश्रण गर्मी से लड़ने में मदद करता है और पशुओं को तरोताजा रखता है।

दूध उत्पादन बढ़ाने का आसान तरीका

इन आसान उपायों को अपनाकर पशुपालक गर्मी के मौसम में भी अपने पशुओं का दूध उत्पादन बढ़ा सकते हैं। सही आहार, पर्याप्त पानी और ठंडा माहौल न केवल पशुओं को स्वस्थ रखता है, बल्कि उनकी दूध देने की क्षमता को भी बनाए रखता है। यह न केवल पशुपालकों की आय बढ़ाएगा, बल्कि उनके पशुओं की सेहत भी सुनिश्चित करेगा।

निष्कर्ष: पशुपालन को बनाएं आसान

गर्मी का मौसम पशुपालकों के लिए चुनौती भरा हो सकता है, लेकिन सही देखभाल और जानकारी के साथ आप इस समस्या से आसानी से निपट सकते हैं। हरा चारा, मिनरल मिक्सर, पर्याप्त पानी और छायादार जगह आपके पशुओं को गर्मी से राहत देंगे और दूध की बाल्टी भर देंगे। इन उपायों को आजमाएं और अपने पशुपालन को और फायदेमंद बनाएं।

कमरे में उगेगा केसर: 10 से 12 डिग्री तापमान में 3 महीने में तैयार होगी फसल, जानें पूरा प्रोसेस | amreli-farmer-indoor-saffron-farming-gujarat-setup-cost-details
कमरे में उगेगा केसर: 10 से 12 डिग्री तापमान में 3 महीने में तैयार होगी फसल, जानें पूरा प्रोसेस

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment