Garlic farming, (डिंग मंडी) सिरसा। जिले के गांव ढाणी माजरा (मोचीवाली) के किसान मनिंद्र सिंह ने 10 साल में लहसून की खेती से जबरदस्त मुनाफा कमाया है। अच्छी पैदावार से किसान न केवल खुश है, बल्कि उनकी मेहनत भी रंग लाई है। 15 एकड़ से सालाना 8 लाख की आमदनी लेता है। अम्बाला, दिल्ली, कुरुक्षेत्र और पिहोवा जैसे शहरों के व्यापारी सीधे खेतों से लहसून खरीदने पहुंच रहे हैं। लहसून की सफल खेती ने साबित कर दिया है कि नई सोच और मेहनत से किसान परंपरागत फसलों के अलावा भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। अब अन्य किसान भी इस नकदी फसल की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
आधुनिक खेती से बंपर मुनाफा
मनिंद्र सिंह ने परंपरागत खेती को छोड़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाया। ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, मल्चिंग और फसल विविधता जैसे तरीकों से उन्होंने लागत कम की और उत्पादन कई गुना बढ़ाया। उनकी मेहनत ने साबित कर दिया कि नई सोच के साथ नकदी फसलें किसानों की किस्मत बदल सकती हैं। आसपास के खेतों में नरमा, ग्वार और सब्जियां जलभराव से बर्बाद हो गईं, लेकिन मनिंद्र की लहसुन की फसल ने शानदार पैदावार दी।
फसल हो गई थी नष्ट
प्रगतिशील किसान मनिंद्र सिंह ने आधुनिक खेती अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि गांव के 12 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। आसपास के खेतों में नरमा, ग्वार, सब्जी जैसी फसलें जलभराव के कारण नष्ट हो चुकी हैं, जिससे कामकाज प्रभावित थे। इसलिए लहसून की पेंकिंग और भंडारण में लोगों को रोजगार मिल रहा है।
कम लागत में बढ़ाया उत्पादन बढ़ाया है। परंपरागत खेती से हटकर उन्होंने ड्रिप सिंचाई, जैविक खाद, मल्चिंग और फसल विविधता जैसे उपाय अपनाकर लागत घटाई और उत्पादन कई गुना बढ़ा लिया।












