Garlic Farming profitable crops: नई दिल्ली: लहसुन की खेती किसानों के लिए कमाई का शानदार जरिया बन सकती है। पूरे साल इसकी मांग रहती है, चाहे रसोई में मसाले के लिए हो या आयुर्वेदिक दवाइयों में।
सही किस्म चुनने से किसान न सिर्फ अच्छी फसल पा सकते हैं, बल्कि बाजार में ऊंचे दाम भी हासिल कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि लहसुन की कौन सी वैरायटी आपको मालामाल बना सकती है और खेती के टिप्स क्या हैं।
सही वैरायटी चुनें, मुनाफा दोगुना करें Garlic Farming
लहसुन की खेती किसानों के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी साबित हो सकती है। परंपरागत फसलों के साथ अगर लहसुन की खास किस्मों की खेती की जाए, तो उत्पादन बढ़ता है और बाजार में अच्छी कीमत मिलने से कमाई दोगुनी हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञ नवनीत रेवापाटी बताते हैं कि हिमाचल प्रदेश की “हिमगिरी” और “हिमलहसुन” जैसी वैरायटी अपने बड़े दानों, सफेद रंग और तीखे स्वाद के लिए मशहूर हैं। इनकी सुगंध और रोग प्रतिरोधक क्षमता इन्हें बाजार में खास बनाती है।
मध्य प्रदेश की वैरायटी भी है खास
मध्य प्रदेश की “गदरवाड़ लहसुन” और “धार लहसुन” भी किसानों की पसंद हैं। गदरवाड़ लहसुन अपने मोटे दानों और ज्यादा उत्पादन के लिए जाना जाता है, जबकि धार लहसुन को लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है। इससे किसान सही समय पर बिक्री कर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।
इन वैरायटीज ने कई किसानों को लाखों रुपये का फायदा पहुंचाया है। सामान्य लहसुन जहां 100-150 रुपये प्रति किलो बिकता है, वहीं इन खास किस्मों की कीमत इससे कहीं ज्यादा रहती है।
खेती के टिप्स जो बढ़ाएंगे मुनाफा
लहसुन की खेती के लिए मिट्टी की अच्छी तैयारी जरूरी है। भुरभुरी मिट्टी और जैविक खाद का इस्तेमाल सबसे अच्छा माना जाता है। समय-समय पर सिंचाई और खरपतवार की सफाई से फसल की गुणवत्ता बढ़ती है।
सही समय पर कटाई करने से दाने मोटे और चमकदार निकलते हैं, जो बाजार में ज्यादा कीमत दिलाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लहसुन की मांग भविष्य में और बढ़ेगी, इसलिए हिमाचल और मध्य प्रदेश की इन वैरायटीज को चुनना किसानों के लिए बड़ा निवेश साबित हो सकता है।












