रेवाड़ी, Rewari Farmer News: जिले में हरियाणा सरकार की प्रोत्साहन नीति का असर अब खेतों में दिखने लगा है। यहां के जागरूक किसान अब घाटे वाली पारंपरिक खेती का मोह त्यागकर बागवानी और नकदी फसलों को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे न केवल लागत कम हो रही है, बल्कि मुनाफा भी कई गुना बढ़ रहा है। ऐसा ही एक शानदार उदाहरण रेवाड़ी जिले के गांव झाबुआ निवासी प्रगतिशील किसान वीरेंद्र सिंह ने पेश किया है, जो आज पूरे इलाके के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
2018 में शुरू किया था बदलाव का सफर
किसान वीरेंद्र सिंह का कहना है कि मूंगफली अब सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आय का एक मजबूत जरिया है। उनका गांव झाबुआ राजस्थान सीमा से सटा हुआ है, जहां की मिट्टी इस फसल के लिए उपयुक्त है। वीरेंद्र पिछले 8 सालों से मूंगफली की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि साल 2018 में एक मित्र को यह खेती करते देख उन्होंने भी इसे अपनाने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने बावल स्थित कृषि महाविद्यालय से वैज्ञानिक तरीके से खेती का प्रशिक्षण लिया। वर्तमान में वह करीब 3 एकड़ भूमि में मूंगफली उगा रहे हैं, जिससे उन्हें सालाना 40 क्विंटल तक बंपर उत्पादन मिल रहा है।
लागत कम और आमदनी ज्यादा
खेती के अर्थशास्त्र को समझाते हुए वीरेंद्र ने बताया कि इस फसल में प्रति एकड़ करीब 25 हजार रुपये का खर्च आता है। जबकि फसल बेचने के बाद शुद्ध मुनाफा 70 हजार रुपये से अधिक हो जाता है। इसके अतिरिक्त, मूंगफली की तूड़ी (चारा) बेचकर भी उन्हें प्रति एकड़ लगभग 10 हजार रुपये की एक्स्ट्रा इनकम हो जाती है। एक एकड़ जमीन में लगभग 50 किलोग्राम बीज लगता है और उत्पादन 12 से 13 क्विंटल तक आसानी से हो जाता है। फिलहाल रेवाड़ी की मंडी में मूंगफली का भाव 5 से 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है।
कृषि महाविद्यालय बावल की नई तैयारी
वीरेंद्र अब क्षेत्र के अन्य किसानों को भी ट्रेंड कर रहे हैं। वहीं, कृषि महाविद्यालय बावल के शस्य वैज्ञानिक डॉ. अमरजीत ने बताया कि संस्थान किसानों को मूंगफली की नई उन्नत किस्म GN-804 का बीज उपलब्ध कराने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। नई किस्म आने से रेवाड़ी के किसानों को उत्पादन बढ़ाने में और मदद मिलेगी।
Haryana Farmer Subsidy: सब्जी उगाओ और 54 हजार पाओ, सरकार की नई स्कीम ने मचाई धूम
हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: अब 180 दिन में मिलेगा भैंस और गाय पर लोन
Haryana News Post पर नज़र बनाए रखें।













