Haryana Beekeeping Subsidy 85% Bhavantar Yojana: चंडीगढ़: अगर आप हरियाणा में मधुमक्खी पालन का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है! हरियाणा सरकार ने इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए शानदार योजना शुरू की है।
इस योजना में सभी श्रेणी के मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी बॉक्स और कॉलोनियों पर 85% तक सब्सिडी दी जाएगी। इतना ही नहीं, अगर बाजार में शहद का सही दाम न मिले, तो नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने मधुमक्खी पालन को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया है। आइए, इस योजना की शर्तों और लाभों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी Haryana Beekeeping Subsidy
इस शानदार सब्सिडी योजना का फायदा उठाने के लिए मधुमक्खी पालकों को मधुकांति पोर्टल और हनी ट्रेड पोर्टल सेंटर पर रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया हर साल 1 दिसंबर से 31 मई तक खुली रहती है।
इसके लिए आपके पास फैमिली आईडी कार्ड होना जरूरी है। उद्यान विभाग की टीम जनवरी से जून के बीच मधुमक्खी बक्सों का सत्यापन करती है। साथ ही, शहद की बिक्री का समय भी जनवरी से जून तक निर्धारित किया गया है।
योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
कुरुक्षेत्र के उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत हर मधुमक्खी पालक को अधिकतम 1,000 मधुमक्खी बक्सों तक सब्सिडी मिल सकती है। शहद का आधार मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। हर पालक प्रति बॉक्स 30 किलोग्राम शहद के हिसाब से सालाना 30,000 किलोग्राम तक शहद बेच सकता है। लेकिन ध्यान रहे, यह लाभ सिर्फ उन पालकों को मिलेगा जो कुरुक्षेत्र के रामनगर आबीडीसी स्थित हनी ट्रेड सेंटर पर शहद बेचेंगे।












