Haryana Weather Update 17 October: चंडीगढ़: हरियाणा में मौसम ने करवट ले ली है और ठंड ने दस्तक दे दी है! उत्तर-पश्चिमी हवाओं और हाल की बारिश की वजह से रात का तापमान तेजी से गिर रहा है। सुबह हल्की ठिठुरन और दिन में तेज धूप के साथ मौसम का मिजाज बदल रहा है।
किसानों के लिए अच्छी खबर यह है कि यह मौसम सरसों की बुआई के लिए बिल्कुल सही है। इस खबर में हम आपको हरियाणा के मौसम, तापमान और सरसों की खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों के बारे में सबकुछ बताएंगे। तो पूरी खबर पढ़ें और मौसम की ताजा जानकारी लें!
ठंड की शुरुआत: तापमान में गिरावट Haryana Weather Update
पहाड़ों से आने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने हरियाणा में ठंड बढ़ा दी है। रात का तापमान तेजी से गिर रहा है, और सुबह हल्की ठिठुरन महसूस हो रही है। दिन में धूप की वजह से तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है, लेकिन रात और दिन के तापमान में बड़ा अंतर ठंड को और बढ़ा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले छह दिनों में न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री से घटकर 15.8 डिग्री सेल्सियस हो गया है। अगर अक्टूबर के अंत तक मौसम शुष्क रहा, तो तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
ज्यादा बारिश का असर
आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. शिवेंद्र सिंह ने बताया कि अक्टूबर की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 30 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 649% ज्यादा है।
यह 2004 के बाद अक्टूबर में हुई सबसे ज्यादा बारिश है। इस बारिश ने तापमान को सामान्य से नीचे ला दिया, जिससे ठंड बढ़ गई। ज्यादातर जिलों में तापमान औसत से कम बना हुआ है।
किसानों के लिए खुशखबरी: सरसों की बुआई का सही समय
मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि दिन की धूप और रात की ठंडक सरसों की बुआई के लिए आदर्श स्थिति है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अच्छी किस्म की सरसों बोएं, ताकि पैदावार बेहतर हो। यह मौसम न सिर्फ सरसों, बल्कि अन्य रबी फसलों के लिए भी अनुकूल है।
आगे और बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग का अनुमान है कि जैसे-जैसे दिन और रात के तापमान का अंतर कम होगा, ठंड और तेज होगी। नवंबर की शुरुआत में दिन में भी ठंड का असर महसूस होगा। किसानों और आम लोगों को सर्दी की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।













