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Haryana Crop: दलहन-तिलहन की खरीद का पूरा शेड्यूल: कब और कहाँ होगी खरीद, जानिए!

On: September 25, 2025 6:20 AM
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Haryana Crop: दलहन-तिलहन की खरीद का पूरा शेड्यूल: कब और कहाँ होगी खरीद, जानिए!
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Haryana Crop schedule agriculture News:! चंडीगढ़ | हरियाणा के किसानों के लिए खरीफ सीजन की एक बड़ी खुशखबरी है! राज्य सरकार ने दलहन और तिलहन की खरीद के लिए मंडियों में पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं।

बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने साफ निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। खरीफ विपणन सत्र 2025-26 के लिए राज्य में 100 से ज्यादा मंडियों में खरीद केंद्र बनाए गए हैं।
किसान इस बार उम्मीदों से भरे हैं। उनका मानना है कि सरकार की इस पहल से उनकी मेहनत का पूरा दाम मिलेगा और यह खरीफ सीजन उनके लिए फायदेमंद साबित होगा।

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मूंग की खरीद 23 सितंबर से शुरू Haryana Crop

मूंग की खरीद का काम 23 सितंबर से शुरू हो चुका है और यह 15 नवंबर तक चलेगा। राज्य की 38 मंडियों में यह खरीद हो रही है। किसानों के लिए राहत की बात यह है कि इस बार मूंग की पैदावार में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। पिछले सीजन में मूंग का रकबा 1.09 लाख एकड़ था, जो इस बार बढ़कर 1.47 लाख एकड़ हो गया है।

प्रति एकड़ उपज भी 300 किलो से बढ़कर 400 किलो तक पहुंच गई है। नतीजतन, उत्पादन 32,715 मीट्रिक टन से बढ़कर 58,717 मीट्रिक टन होने की उम्मीद है।

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अरहर, उड़द, मूंगफली और तिल की खरीद का शेड्यूल

अरहर और उड़द की खरीद दिसंबर में शुरू होगी। वहीं, मूंगफली की खरीद 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक सात मंडियों में होगी। तिल की खरीद भी दिसंबर से शुरू होगी और इसके लिए 27 मंडियां चुनी गई हैं। खास बात यह है कि इस बार तिल की खेती में जबरदस्त उछाल आया है। तिल का रकबा 800 एकड़ से बढ़कर 2,116 एकड़ हो गया है, और उत्पादन 446 मीट्रिक टन तक पहुंचने की संभावना है।

मंडियों में पुख्ता इंतजाम

मुख्य सचिव ने मंडियों में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता, समय पर उपज का उठान और भंडारण पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। किसानों का कहना है कि अगर मंडियों में व्यवस्था सुचारू रही तो उन्हें न सिर्फ अपनी फसल का सही दाम मिलेगा, बल्कि भुगतान और स्टोरेज की समस्याओं से भी छुटकारा मिलेगा।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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