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Bhavantar Bharpai Yojana: बाजरे के किसानों के लिए बुरी खबर! सरकार नहीं खरीदेगी फसल

On: September 24, 2025 5:22 AM
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Bhavantar Bharpai Yojana: बाजरे के किसानों के लिए बुरी खबर! सरकार नहीं खरीदेगी फसल
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Bhavantar Bharpai Yojana Haryana kisan: नूंह | हरियाणा के नूंह जिले की अनाज मंडियों में बाजरे की फसल की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन किसानों के लिए एक निराशाजनक खबर है।

इस बार सरकार बाजरे की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नहीं खरीदेगी। ऐसे में किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही है। 2023-24 की तरह इस बार भी बाजरा प्राइवेट स्तर पर बिकेगा, और MSP में होने वाले नुकसान की भरपाई भावांतर भरपाई योजना के तहत होगी। आइए, जानते हैं इस खबर का पूरा ब्यौरा।

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बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

नूंह जिले में इस बार औसत से ज्यादा बारिश ने बाजरे की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। ज्यादातर फसल खराब हो चुकी है, और जो बची है, उसकी क्वालिटी पर भी असर पड़ा है।

नतीजतन, मंडियों में पहुंच रहे किसानों को सरकार द्वारा तय MSP यानी 2725 रुपये प्रति क्विंटल का दाम नहीं मिल रहा। किसानों का कहना है कि उन्हें 2000 से 2300 रुपये प्रति क्विंटल के दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है। पहले बारिश ने पैदावार घटाई, और अब कम दाम मिलने से किसानों को दोहरा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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भावांतर योजना से होगी भरपाई

अधिकारियों के मुताबिक, सरकार की ओर से अभी तक बाजरे की सरकारी खरीद का कोई आदेश नहीं आया है। हालांकि, भावांतर भरपाई योजना के तहत नुकसान की भरपाई का निर्देश मिला है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2023-24 की तरह इस बार भी बाजरे की खरीद नहीं होगी।

जिन किसानों ने मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया है, केवल उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे किसानों का बाजरा मंडी में प्राइवेट स्तर पर बिकेगा, लेकिन MSP और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर की राशि उनके बैंक खाते में डाली जाएगी। जो किसान रजिस्ट्रेशन से चूक गए, उन्हें इस योजना का फायदा नहीं मिलेगा और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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