हरियाणा के यमुनानगर जिले में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर हुई बारिश ने धान और अन्य फसलों के किसानों को राहत दी है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की फील्ड रिपोर्ट के अनुसार बारिश के बाद धान की फसल में कीट और बीमारियों का असर कम हुआ है, जबकि पहले कुछ इलाकों में दिखाई देने वाले राइस लीफ फोल्डर कीट का प्रभाव अब काफी घट गया है।
यमुनानगर में इस साल 2,37,500 एकड़ क्षेत्र में धान की खेती की गई है। इतने बड़े रकबे में फसल की स्थिति पर नजर रखने के लिए कृषि विभाग की टीमें लगातार खेतों का दौरा कर रही हैं और किसानों को संभावित कीट व बीमारियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं।
बाकाना समेत चार गांवों में धान के खेतों का निरीक्षण
कृषि विभाग की एक टीम ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर धान की फसल का निरीक्षण किया। टीम ने खेतों में फसल की सेहत की जांच की और किसानों को कीट या बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सतर्क होने को कहा।
कृषि विभाग यमुनानगर के सहायक पादप संरक्षण अधिकारी डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले धान की फसल में राइस लीफ फोल्डर कीट देखा गया था। हालांकि, पिछले दिनों हुई रुक-रुककर बारिश के बाद इसका प्रभाव काफी कम हो गया है।
डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि उप कृषि निदेशक यमुनानगर आदित्य प्रताप डबास के निर्देश पर विभाग की टीम ने हाल ही में बाकाना, अलाहर, बहादरपुर और जयपुर गांवों का दौरा किया। इन गांवों में कुछ समय पहले करीब 50 से 60 एकड़ धान की फसल में राइस लीफ फोल्डर का प्रकोप देखा गया था।
उन्होंने बताया कि अब बारिश के कारण इन इलाकों में कीट का असर काफी कम हो गया है। जिले के अन्य क्षेत्रों से भी पहले राइस लीफ फोल्डर के मामले सामने आए थे, लेकिन फिलहाल खेतों में इसका कोई बड़ा प्रभाव नहीं दिख रहा है।
राइस लीफ फोल्डर का असर कम होने से किसानों को राहत
धान की फसल में राइस लीफ फोल्डर पत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाला कीट है। फसल पर इसका असर बढ़ने से पौधों की सामान्य वृद्धि प्रभावित हो सकती है, इसलिए किसानों के लिए समय रहते इसकी पहचान करना जरूरी रहता है।
कृषि विभाग ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि कीट या बीमारी के शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान होने पर उसके फैलाव को रोकने और किसानों के संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
डॉ. सतीश कुमार के अनुसार विभाग की टीमें धान के खेतों की लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारी नियमित रूप से खेतों में पहुंचकर फसल की स्थिति देख रहे हैं और किसानों को जरूरी सलाह दे रहे हैं।
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क्या यमुनानगर में धान में फिजी वायरस का कोई मामला आया?
कृषि विभाग के अनुसार इस सीजन में अब तक धान की फसल में वायरस जनित बीमारी, खासकर फिजी वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है। फिजी वायरस धान के पौधों की वृद्धि को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है और पौधों में अत्यधिक बौनापन पैदा कर सकता है।
विभागीय टीमें इस बीमारी की आशंका को देखते हुए भी फसलों पर करीबी नजर रख रही हैं। खेतों का लगातार निरीक्षण इसलिए किया जा रहा है ताकि किसी भी असामान्य लक्षण की शुरुआती स्तर पर पहचान की जा सके।
धान और गन्ने के लिए भी फायदेमंद बताई गई बारिश
यमुनानगर के किसान अनिल कौशिक ने कहा कि रुक-रुककर हो रही बारिश धान, गन्ना और अन्य फसलों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। उनके अनुसार इससे पौधों की अच्छी बढ़वार में मदद मिल सकती है।
यमुनानगर कृषि प्रधान जिलों में शामिल है और बड़ी संख्या में किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में फसल की स्थिति बेहतर रहने और कीटों का असर कम होने से किसानों की चिंता कुछ कम हो सकती है, हालांकि मौसम और फसल की स्थिति में बदलाव को देखते हुए निगरानी जारी रखना जरूरी है।
जुलाई और अगस्त में कितनी बारिश हुई?
यमुनानगर जिले में जुलाई 2026 के दौरान 254 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद अगस्त में 17 अगस्त 2026 तक जिले में 181.29 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
रुक-रुककर हुई इस बारिश के बाद धान की फसल फिलहाल स्वस्थ स्थिति में बताई गई है। कृषि विभाग ने किसानों से खेतों का नियमित निरीक्षण करने और कीट या बीमारी के लक्षण दिखने पर समय रहते विभागीय विशेषज्ञों से संपर्क करने की सलाह दी है। #Yamunanagar #HaryanaAgriculture #PaddyCrop












