Haryana Farmer Compensation: Big news for the farmers of Haryana! 3 districts will get compensation of Rs 85.5 crore: चंडीगढ़ | हरियाणा के किसानों के लिए राहत भरी खबर! कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की केंद्रीय तकनीकी सलाहकार समिति (CTAC) ने रबी 2023-24 की फसल से जुड़े विवाद पर बड़ा फैसला सुनाया है।
समिति ने बीमा कंपनी की अपील खारिज कर दी और राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (STAC) के फैसले को सही ठहराया। इस फैसले से भिवानी, चरखी दादरी और नूंह के किसानों को 85.5 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
एक हफ्ते में मिलेगा मुआवजा Haryana Farmer Compensation
पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि बीमा कंपनी को अब एक हफ्ते के अंदर किसानों को मुआवजा देना होगा। दरअसल, बीमा कंपनी ने भिवानी की 148, चरखी दादरी की 45 और नूंह की 38 बीमा इकाइयों में हुए फसल कटाई प्रयोगों (CCE) पर सवाल उठाए थे।
कंपनी का दावा था कि कृषि विभाग की रिपोर्ट बिना स्वतंत्र जांच के मानी गई और तकनीकी नियमों का पालन नहीं हुआ।
बीमा कंपनी की दलीलें खारिज
सरकार ने जवाब में कहा कि फसल कटाई के दौरान बीमा कंपनी ने ज्यादातर इकाइयों में को-विटनेस की भूमिका निभाई थी, लेकिन तब कोई आपत्ति नहीं जताई। आपत्तियां सिर्फ उपज के आंकड़े घोषित होने के बाद आईं। इसके अलावा, कंपनी ने समयसीमा के बाद अपील की, जिससे उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठे।
CTAC का सख्त रुख
CTAC ने दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि बीमा कंपनी की अपील में ठोस सबूतों की कमी थी और उनकी तकनीकी रिपोर्ट भी अधूरी थी।
समिति ने साफ किया कि उपग्रह आधारित मॉडल जमीनी फसल कटाई प्रयोगों का विकल्प नहीं हो सकते। अंत में, समिति ने STAC के फैसले को सही ठहराते हुए बीमा कंपनी को वास्तविक उपज के आंकड़ों के आधार पर किसानों को मुआवजा देने का आदेश दिया।













