Haryana Fisheries Electricity Subsidy (हरियाणा में मत्स्य पालकों को बिजली दर क्या है) : हरियाणा सरकार ने राज्य के मत्स्य और झींगा पालकों को बड़ी राहत देते हुए कृषि फीडर से मात्र 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली देने की घोषणा पूरी कर दी है। गैर-कृषि फीडर पर दरें घटाकर 4.75 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई हैं। इसके अलावा 100 करोड़ रुपये की लागत से हिसार और फरीदाबाद में दो आधुनिक मछली मंडियां स्थापित होंगी।
Shyam Singh Rana fisheries minister announcement : हरियाणा के कृषि, किसान कल्याण एवं मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने राज्य के मत्स्य एवं झींगा पालकों के लिए बड़े वित्तीय और ढांचागत फैसलों की घोषणा की है। चंडीगढ़ में 16 अक्टूबर को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के तहत कृषि फीडर से जुड़े पालकों को 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि मछली और झींगा पालकों को उच्च गुणवत्ता का बीज और उनकी उपज बेचने के लिए आधुनिक मंडियों का पूरा नेटवर्क उपलब्ध कराया जाएगा।
सस्ती बिजली और लोड सीमा
मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने जानकारी दी कि गैर-कृषि फीडरों (Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana Haryana) से जुड़े उपभोक्ताओं को अब फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ) और कृषि उद्योग श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इस श्रेणी में बिजली की दर को 6.60 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 4.75 रुपये प्रति यूनिट किया गया है।
इसके साथ ही लोड की सीमा को भी 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट कर दिया गया है। इस कटौती से झींगा और मछली पालकों की उत्पादन लागत में भारी कमी आएगी और उनकी मासिक बचत बढ़ेगी।
नई मृदा-जल प्रयोगशालाएं
मत्स्य पालकों की जरूरतों को देखते हुए राज्य के तीन जिलों यमुनानगर, रोहतक और फरीदाबाद में आधुनिक मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं (Haryana fish farming subsidy 2026) खोली जाएंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस कार्य के लिए 6.04 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह तीनों प्रयोगशालाएं मार्च 2027 तक पूरी तरह क्रियाशील हो जाएंगी। पानी और मिट्टी की सटीक जांच मिलने से जलीय जीवों की बीमारियों पर समय रहते नियंत्रण पाना आसान होगा।
बीज फार्म और आधुनिक मंडियां
कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर और रोहतक के सांपला स्थित सरकारी मत्स्य बीज फार्मों का 20.48 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से नवीनीकरण किया जा रहा है। इसके बाद अन्य सरकारी फार्मों का भी चरणबद्ध तरीके से सुधार किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार और फरीदाबाद जिलों में कुल 100 करोड़ रुपये की लागत से दो आधुनिक मछली मंडियां तैयार होंगी। मुख्यमंत्री द्वारा मंजूरी मिलने के बाद अब इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार की जा रही है।
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करनाल में प्रसंस्करण इकाई
मत्स्य उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए करनाल में 50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना का निर्माण कार्य दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
बैठक में मत्स्य पालन विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन और निदेशक पवन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को लंबित सभी घोषणाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। #HaryanaNews #FisheriesNews #MatsyaSampada












