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हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी: इस फसल की खेती पर सरकार दे रही है ₹1000 प्रति एकड़

On: मार्च 10, 2026 7:02 अपराह्न
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हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी: इस फसल की खेती पर सरकार दे रही है ₹1000 प्रति एकड़
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चंडीगढ़ . हरियाणा सरकार ने किसानों की आय और खेतों की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में ढैंचा, दलहन और ग्वार की खेती करने वाले किसानों को अब 1,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस योजना का सीधा लाभ उठाने के लिए ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर 15 अप्रैल तक पंजीकरण करना अनिवार्य है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल विविधीकरण कार्यक्रम के तहत प्रदेश के किसानों से ढैंचा, दलहन और ग्वार की खेती करने की अपील की है। सरकार ग्रीष्म मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर, सोयाबीन जैसी फसलों की बुवाई करने पर किसानों को 1,000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से नकद प्रोत्साहन राशि देगी।

मिट्टी की सेहत सुधारने की बड़ी तैयारी

प्रदेश में लगातार रासायनिक खादों के इस्तेमाल से खेतों की मिट्टी अपनी प्राकृतिक ताकत खो रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ढैंचा, दलहन और ग्वार जैसी फसलें जमीन में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाती हैं। ढैंचा एक बेहतरीन हरी खाद है, जिसे खेत में जोतने से मिट्टी की संरचना में गजब का सुधार आता है। इससे आने वाले सीजन की मुख्य फसलों की पैदावार कई गुना बढ़ जाती है और किसानों का खाद पर होने वाला खर्च बचता है।

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15 अप्रैल तक कराना होगा रजिस्ट्रेशन

इस सरकारी योजना का सीधा फायदा उठाने के लिए किसानों को समय रहते आवेदन करना होगा। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि लाभ लेने वाले सभी किसानों को ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। यह रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया मार्च के पहले सप्ताह से शुरू हो चुकी है और किसान 15 अप्रैल तक अपना ब्योरा दर्ज करवा सकते हैं।

पंजीकरण खत्म होने के तुरंत बाद कृषि विभाग जमीनी स्तर पर अपना काम शुरू कर देगा। विभागीय अधिकारी 16 अप्रैल से 15 मई तक सीधा खेतों में जाकर फसल बुवाई का भौतिक सत्यापन करेंगे। अधिकारी यह तय करेंगे कि किसान ने वास्तव में निर्धारित फसल बोई है या नहीं, जिसके बाद ही अनुदान राशि जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

खेतों से सीधा पोर्टल पर अपलोड करनी होगी फोटो

रेवाड़ी के कृषि विकास अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने किसानों को इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि किसान फसल विविधीकरण अपनाकर अपनी जमीन को लंबे समय तक उपजाऊ बनाए रख सकते हैं। किसी भी तरह की शंका या जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि विकास अधिकारी या खंड कृषि अधिकारी कार्यालय में जाकर सीधे बात कर सकते हैं।

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डॉ. वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रोत्साहन राशि का पैसा सीधा बैंक खाते में आएगा, लेकिन इसकी एक अहम शर्त है। ढैंचा, दलहन और ग्वार की बिजाई पूरी करने के बाद किसानों को अपने खेत की ताजा फोटो ‘मेरी फसल- मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसी फोटो और विभागीय भौतिक सत्यापन के आधार पर किसानों को 1 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का पूरा लाभ मिल सकेगा।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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