ब्रेकिंग न्यूज़मौसमक्रिकेटऑटोमनोरंजनअपराधट्रेंडिंगकृषिलाइफस्टाइलराशिफलहरियाणा

सरसों बेचने जा रहे हैं तो पहले कर लें ये काम, नमी और गेट पास को लेकर सख्त हुई सरकार

On: मार्च 28, 2026 12:11 अपराह्न
Follow Us:
सरसों बेचने जा रहे हैं तो पहले कर लें ये काम, नमी और गेट पास को लेकर सख्त हुई सरकार
Join WhatsApp Group

भिवानी. हरियाणा के भिवानी सहित प्रदेश भर की अनाज मंडियों में आज, 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद का विधिवत शुभारंभ हो गया है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए करीब 400 खरीद केंद्र और मंडियां तैयार की हैं। हालांकि, सरकारी कांटों के खुलने से पहले ही मंडियों में प्राइवेट प्लेयर काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं, जिससे किसानों की चांदी हो रही है। इस बार किसानों को सरकारी रेट का इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ रही है क्योंकि खुले बाजार में उन्हें उम्मीद से बेहतर दाम मिल रहे हैं।

MSP को पछाड़ रहे हैं प्राइवेट रेट

केंद्र सरकार ने इस सीजन के लिए सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। दिलचस्प बात यह है कि भिवानी और आसपास की मंडियों में प्राइवेट एजेंसियां किसानों को 6,500 से 6,600 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव दे रही हैं। सीधे तौर पर किसानों को प्रति क्विंटल 400 से 500 रुपये का अतिरिक्त मुनाफा हो रहा है। यही वजह है कि सरकारी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बावजूद बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज निजी खरीदारों को बेचना पसंद कर रहे हैं।

20% तक बढ़ेगी अगली फसल की पैदावार, खरीफ बीज भंडारण के ये वैज्ञानिक नियम अपनाएं किसान | kharif-seed-storage-scientific-methods-moisture-guidelines-farmers
20% तक बढ़ेगी अगली फसल की पैदावार, खरीफ बीज भंडारण के ये वैज्ञानिक नियम अपनाएं किसान

मंडी एंट्री के बदल गए नियम

इस बार हरियाणा सरकार ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए तकनीकी बदलाव किए हैं। अब मंडी के गेट पर गेट पास तभी जारी होगा जब किसान ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो अपलोड करेगा। इसके साथ ही किसान का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन भी अनिवार्य कर दिया गया है। बिना इन औपचारिकताओं के किसी भी वाहन को मंडी परिसर के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इससे बिचौलियों पर लगाम लगेगी और केवल वास्तविक किसानों की ही फसल खरीदी जाएगी।

नमी की सीमा और किसानों को सुविधा

भिवानी अनाज मंडी के आढ़तियों ने किसानों को आगाह किया है कि वे अपनी फसल को पूरी तरह सुखाकर ही लाएं। नियमों के मुताबिक सरसों में नमी की मात्रा 8% से अधिक नहीं होनी चाहिए, अन्यथा सरकारी खरीद में दिक्कत आ सकती है। वहीं, मंडी में दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए अटल कैंटीन की सुविधा बहाल कर दी गई है। यहां किसान मात्र 10 रुपये के टोकन पर शुद्ध और भरपेट भोजन प्राप्त कर सकते हैं। आने वाले दिनों में 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होने के बाद मंडियों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है।

गेहूं-चना छोड़ अपनाई रोजल हिबिस्कस की खेती, खेत में खिले फूल देख कृषि वैज्ञानिक भी हैरान | sagar-farmer-anmol-dubey-organic-roselle-hibiscus-farming-bina
गेहूं-चना छोड़ अपनाई रोजल हिबिस्कस की खेती, खेत में खिले फूल देख कृषि वैज्ञानिक भी हैरान

किसान सावधान! गेहूं और सरसों की MSP खरीद पर आया बड़ा अपडेट, सरकार ने खरीदे करोड़ों के बैग

ज़मीनी हकीकत, ब्रेकिंग न्यूज़ और जिलेवार अपडेट के लिए Haryana News Post से जुड़े रहें।

कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े | haryana-monsoon-2026-paddy-production-loss-drought-impact-district-wise-report
कम बारिश के बीच करनाल-कुरुक्षेत्र ने कैसे बचाई फसल, जानिए उत्पादन के पूरे आंकड़े

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment