Haryana News: हरियाणा के कृषि, मत्स्य और पशुपालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने प्रदेश में स्वदेशी मेलों के आयोजन का ऐलान किया है। इन मेलों में किसानों को जैविक खेती और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करेंगे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। राणा ने बताया कि यह कदम किसानों को नई दिशा देगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा।
सेवा पखवाड़ा और मुआवजा पोर्टल
मंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान विधायक और मंत्री किसानों से मिलकर रबी फसलों की तैयारियों पर चर्चा करेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। बरसात और जलभराव से प्रभावित किसानों के लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू किया है। राणा ने किसानों से अपील की कि वे 15 सितंबर 2025 तक अपनी फसलों के नुकसान की जानकारी इस पोर्टल पर दर्ज करें, ताकि जल्द मुआवजा मिल सके। सभी जिलों के उपायुक्तों को नुकसान का आकलन कर जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
विदेशी दौरों से नई प्रेरणा
राणा ने अपने हाल के फ्रांस और नीदरलैंड दौरे के बारे में बताया कि उन्होंने वहां आलू और फूलों की खेती की नई तकनीकों का अध्ययन किया। नीदरलैंड में हुए आलू सम्मेलन से यूरोप में उत्पादन और निर्यात की जानकारी मिली। फूलों की खेती, जो यूरोप की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, से प्रेरणा लेकर हरियाणा में भी इसे बढ़ावा देने की योजना है। कृषि विभाग विश्व की अग्रणी बागवानी और फ्लोरीकल्चर तकनीकों को अपनाने के लिए कदम उठाएगा।
गन्नौर में देश की सबसे बड़ी मंडी
मंत्री ने बताया कि सोनीपत के गन्नौर में देश की सबसे बड़ी बागवानी मंडी बनाई जा रही है। 54 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हो चुका है, और 2595 करोड़ रुपये की इस परियोजना का 45% निर्माण कार्य पूरा हो गया है। यह मंडी सालाना 20 लाख टन उत्पाद संभालने की क्षमता रखेगी, जिसमें 14,907 कारों और 3,305 ट्रकों की पार्किंग सुविधा होगी। गुरुग्राम में फूलों और जैविक उत्पादों की मंडी भी बन रही है, जो किसानों को बेहतर बाजार देगी।












