चंडीगढ़. हरियाणा के अन्नदाताओं के लिए बड़ी खबर है। सूबे की अनाज मंडियों में कल, 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद का आगाज होने जा रहा है, जबकि गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई ‘हाई पावर पर्चेज कमेटी’ (HPPC) की बैठक में खरीद तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए करोड़ों रुपये के टेंडरों को हरी झंडी दे दी गई है।
470 करोड़ से खरीदे जाएंगे जूट बैग
मंडियों में फसल के उठान और सुरक्षित भंडारण में अक्सर आने वाली दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने इस बार पहले ही पुख्ता इंतजाम किए हैं। बैठक में जूट और अन्य प्रकार की बोरियों की खरीद के लिए लगभग 470 करोड़ रुपये के बजट को प्रशासनिक मंजूरी दी गई। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि खरीद शुरू होते ही बोरियों की कमी न पड़े और फसल का सुरक्षित परिवहन गोदामों तक हो सके।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश: गुणवत्ता पर नो कॉम्प्रोमाइज
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट लहजे में कहा कि खरीद प्रक्रिया में गुणवत्ता के मानकों का सख्ती से पालन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बैग की खरीद से लेकर भंडारण तक के सभी काम निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंडी में आने वाले किसान को अपनी उपज बेचने के लिए घंटों इंतजार न करना पड़े और न ही उसे बारदाने की कमी झेलनी पड़े।
भंडारण से घटेगा नुकसान का जोखिम
रबी सीजन की फसलों की सुरक्षित पैकिंग सरकार के लिए बड़ी चुनौती रहती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जूट बैग की पर्याप्त उपलब्धता से अनाज की नमी सुरक्षित रहेगी और भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि किसानों के हितों में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और खरीद केंद्रों पर किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
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