Jind News (जींद) : लगातार बारिश और जलभराव ने जींद जिले के किसानों की कमर तोड़ दी है। खरीफ फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। 295 पटवारी खेतों में उतर चुके हैं और 25 सितंबर तक सर्वे पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए गए हैं। जिले के 289 गांवों के 21,893 किसानों ने करीब 1.27 लाख एकड़ में फसल नुकसान की शिकायत दर्ज की है। सबसे ज्यादा नरवाना और उचाना क्षेत्र प्रभावित हैं।
Jind News: फसलों की बर्बादी का सर्वे शुरू
लगातार बारिश और जलभराव ने जींद के खेतों को तबाह कर दिया। किसानों की शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आया है। जिले के 289 गांवों में 21,893 किसानों ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 1.27 लाख एकड़ में फसल खराब होने की शिकायत दर्ज की है। नरवाना के 59 गांवों के 8,522 किसानों ने 53,764 एकड़ में और उचाना के 47 गांवों के 6,771 किसानों ने 41,241 एकड़ में नुकसान की शिकायत की है। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने राजस्व विभाग को 25 सितंबर तक सर्वे पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश दिया है।
पटवारी मैदान में, फोटो के साथ आएगी रिपोर्ट
सर्वे के लिए राजस्व विभाग ने 100 से ज्यादा अनुभवी पटवारी और करीब 200 ट्रेनी पटवारी लगाए हैं। ये पटवारी किसानों के खेतों में जाकर फसल का हाल देखेंगे, नुकसान का आकलन करेंगे और फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड करेंगे। डीसी ने तहसीलदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग की शिकायतों का फील्ड वेरिफिकेशन गिरदावरी के जरिए जल्द से जल्द पूरा किया जाए। पटवारी खेतों में जाकर फसल नुकसान का प्रतिशत तय करेंगे और अपनी रिपोर्ट पोर्टल पर डालेंगे।
मौसम ने फिर बदली करवट, बूंदाबांदी की संभावना
पिछले कुछ दिनों की बारिश के बाद जिले में पश्चिमी हवाओं ने खेतों में भरे पानी को कुछ कम किया है। लेकिन मौसम फिर करवट ले रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार के मुताबिक, 19 सितंबर तक मौसम बदलता रहेगा और जिले में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ सकती है।













