Kharif Seed Storage Methods : गुणवत्तापूर्ण बीज के सही वैज्ञानिक भंडारण से किसान अगली फसल में 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त पैदावार हासिल कर सकते हैं। अनियंत्रित नमी और फफूंद से बीजों की अंकुरण क्षमता घटने के जोखिम को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने खरीफ फसलों के सुरक्षित नमी मानक, धूप में सुखाने के नियम और सही भंडारण पात्र चुनने की विस्तृत गाइडलाइन जारी की है।
safe moisture level for kharif seeds storage : देश के 60 से 65 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में खेती ही आजीविका का मुख्य आधार है, जहां बेहतर पैदावार पूरी तरह उच्च गुणवत्ता वाले बीजों पर टिकी है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक गुणवत्तापूर्ण बीज का उपयोग करने से किसान अपनी उपज में 20 प्रतिशत तक का सीधा इजाफा कर सकते हैं। हालांकि, खाने के लिए रखे अनाज और अगली बुआई के लिए सुरक्षित किए जाने वाले बीज के रख-रखाव में बड़ा अंतर होता है, क्योंकि बीज एक जीवित संरचना है जिसकी अंकुरण क्षमता गलत भंडारण से घट जाती है।
बीज का सबसे बड़ा दुश्मन नमी
बीज को नुकसान केवल बाहरी कीटों से नहीं बल्कि उसके भीतर मौजूद अनियंत्रित नमी से होता है। अधिक नमी के कारण बीज की श्वसन दर तेज हो जाती है, जिससे तापमान बढ़ता है और फफूंद का प्रकोप तेजी से फैलता है।
अंतरराष्ट्रीय बीज परीक्षण संघ के मानकों के अनुसार (seed storage vs grain storage difference) अलग-अलग खरीफ फसलों के लिए नमी की सुरक्षित सीमा तय की गई है। मक्का, बाजरा और ज्वार के बीजों में 10 से 12 प्रतिशत, जबकि अरहर और चने में केवल 8 से 9 प्रतिशत नमी ही सुरक्षित मानी जाती है।
सुखाने की सही वैज्ञानिक विधि
किसान अक्सर बीज को हाथ से दबाकर या दांत से काटकर नमी का अनुमान लगाते हैं, जो पूरी तरह गलत है। बीज की बाहरी परत जल्दी सूख जाती है, जबकि आंतरिक भ्रूण में नमी रह जाती है जो बाद में अंकुरण क्षमता नष्ट कर देती है।
बीज को हमेशा पक्के फर्श पर पतली परत में फैलाकर सुखाना चाहिए ताकि सभी दानों को समान धूप और हवा मिले। सुबह की ओस और 40 से 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक तेज धूप से बीज को बचाना अनिवार्य है। धूप से हटाने के तुरंत बाद गर्म बीज को बोरे में कभी न भरें, बल्कि सामान्य तापमान पर ठंडा होने के बाद ही पैक करें। नमी की सही जांच किसान भाई निकटतम कृषि विज्ञान केंद्र या किसान उत्पादक संगठन पर जाकर मुफ्त में करवा सकते हैं।
अवधि अनुसार भंडारण के पात्र
बीज को कितने समय तक सुरक्षित रखना है, उसी आधार पर सही पात्र का चयन करना जरूरी होता है। कम समय यानी 2 से 3 महीने के भंडारण के लिए सूती या जूट के बैग सबसे अच्छे हैं, जिससे हवा (airtight seed storage containers for farmers) का आवागमन बना रहता है।
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मध्यम अवधि यानी 6 से 8 महीने के लिए जूट के बैग में पॉलीथिन की परत का उपयोग करना चाहिए ताकि बाहरी नमी और कीटों से सुरक्षा मिले। यदि बीज को 1 साल से अधिक समय तक सुरक्षित रखना हो, तो पूरी तरह वायुरोधी कंटेनर ही इस्तेमाल करें, लेकिन इसमें रखने से पहले नमी की सटीक जांच होना अनिवार्य है।
कम लागत के सुरक्षा उपाय
छोटे किसान धातु के साफ और पूरी तरह सूखे डिब्बों का उपयोग करके चूहों व नमी से बीज को बचा सकते हैं। इसके साथ ही सूखी नीम की पत्तियों जैसे पारंपरिक जैविक उपायों को अपनाकर कीड़ों के हमले को रोका जा सकता है।
ग्रामीण स्तर पर किसान मिलकर सामुदायिक बीज बैंक भी तैयार कर रहे हैं, जिससे बुआई के समय उन्नत बीज आसानी से उपलब्ध हो सकें। यदि भंडारित बीजों पर काले धब्बे, बदरंग निशान, दुर्गंध या छोटे छेद दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत अलग करें और अत्यधिक संक्रमण की स्थिति में कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर ही अनुशंसित कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। #KharifCrops #FarmerTips #SeedStorage #AgricultureIndia













