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एमएसपी और सीड बिल के मुद्दे पर फिर सड़क पर उतरेंगे किसान

On: January 8, 2026 6:34 PM
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एमएसपी और सीड बिल के मुद्दे पर फिर सड़क पर उतरेंगे किसान
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किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने एक बार फिर किसानों के मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि फरवरी के पहले सप्ताह से देशव्यापी किसान यात्रा शुरू की जाएगी, जो मार्च में दिल्ली में समाप्त होगी। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्जमुक्ति, सीड बिल का विरोध और डब्ल्यूटीओ से खेती को बाहर करने की मांग को मजबूती से उठाना है।

आंदोलन की पृष्ठभूमि और मौजूदा हालात

डल्लेवाल इससे पहले भी लंबे समय तक किसान आंदोलन का नेतृत्व कर चुके हैं। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक के तहत करीब 400 दिन तक चले आंदोलन में उनकी अहम भूमिका रही थी।

केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच उस समय सात दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन उसके बाद वार्ता आगे नहीं बढ़ पाई। किसान नेताओं का कहना है कि कई बार पत्र लिखने के बावजूद आठवें दौर की बैठक नहीं बुलाई गई, जिससे किसानों में असंतोष बढ़ता गया।

सीड बिल को लेकर क्यों नाराज हैं किसान

दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डल्लेवाल ने सीड बिल को किसानों के भविष्य के लिए खतरा बताया। उनके अनुसार प्रस्तावित कानून से

  • विदेशी कंपनियों के बीज भारतीय बाजार में हावी हो सकते हैं

  • स्थानीय और पारंपरिक बीजों का अस्तित्व कमजोर पड़ सकता है

  • किसानों की आत्मनिर्भरता प्रभावित होगी

कृषि नीति विशेषज्ञों का मानना है कि बीज कानून में संतुलन जरूरी है, ताकि नवाचार के साथ किसानों के अधिकार भी सुरक्षित रहें।

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रिकॉर्ड उत्पादन पर सरकार के दावों पर सवाल

डल्लेवाल ने कृषि उत्पादन के आंकड़ों को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि

  • अधिक उत्पादन का मतलब किसानों की आय बढ़ना नहीं होता

  • बाजार में सही कीमत न मिलने से किसान घाटे में रहता है

  • लागत और बिक्री मूल्य के अंतर पर सरकार को ध्यान देना चाहिए

कृषि अर्थशास्त्रियों के अनुसार भारत में बीते दशक में उत्पादन बढ़ा है, लेकिन किसानों की वास्तविक आय उतनी तेजी से नहीं बढ़ी।

फरवरी से मार्च तक चलेगी किसान यात्रा

यात्रा का रोडमैप

डल्लेवाल ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि

  • यात्रा फरवरी के पहले सप्ताह में कन्याकुमारी से शुरू होगी

  • देश के एक लाख से अधिक गांवों में पंचायत प्रस्ताव पास कराए जाएंगे

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  • एमएसपी गारंटी कानून और सीड बिल के विरोध में समर्थन जुटाया जाएगा

  • 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली के साथ यात्रा समाप्त होगी

इस दौरान प्रधानमंत्री को किसानों की मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपने की योजना है।

डब्ल्यूटीओ से बाहर निकलने की मांग

डल्लेवाल ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन की शर्तों के कारण भारतीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ता है। उनका दावा है कि

  • डब्ल्यूटीओ नियमों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दबाव पड़ता है

  • घरेलू कृषि नीति सीमित हो जाती है

उनका कहना है कि सरकार ने पहले बातचीत का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ।

132 दिन की भूख हड़ताल का अनुभव

डल्लेवाल पहले खनौरी बॉर्डर पर 132 दिन तक भूख हड़ताल पर रहे थे। उस समय उनकी मुख्य मांग एमएसपी की कानूनी गारंटी थी। कई दौर की बातचीत के बाद भी समाधान नहीं निकल सका और बाद में प्रशासनिक कार्रवाई के चलते आंदोलन समाप्त करना पड़ा।

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किसान संगठनों का कहना है कि यही अनुभव उन्हें दोबारा संगठित आंदोलन की ओर ले गया।

यह आंदोलन क्यों अहम है

यह किसान यात्रा केवल विरोध नहीं बल्कि कृषि नीतियों पर व्यापक बहस का प्रयास मानी जा रही है।

  • इससे ग्रामीण इलाकों की आवाज राष्ट्रीय मंच तक पहुंचेगी

  • सरकार पर नीति सुधार का दबाव बनेगा

  • किसानों की आय और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर फिर से चर्चा शुरू होगी

आने वाले हफ्तों में यह साफ होगा कि सरकार और किसान संगठनों के बीच संवाद की कोई नई पहल होती है या नहीं।

अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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