Malta Fruit Fly Problem, डबवाली (सिरसा) । हरियाणा में सिट्रस फ्रूट्स के लिए सिरसा जिला सबसे आगे है, लेकिन इस बार माल्टा और किन्नू के बागों में फल कम हैं। अच्छी बात ये है कि रेट अच्छे आने की उम्मीद है। लेकिन अब एक नई समस्या ने बागवानों की नींद उड़ा दी है – फ्रूट ड्रॉप। इसमें मक्खी का प्रकोप माना जा रहा है। बागवान कह रहे हैं कि ये समस्या पहली बार इतनी ज्यादा दिख रही है। तेजा खेड़ा के किसान नरेंद्र डूडी ने बताया कि माल्टा में फल सेट कम हुआ था, लेकिन ग्रोथ अच्छी मिली। अब फल अच्छे बन चुके हैं, लेकिन स्क्रैच और मक्खी के डंक से गिर रहे हैं। पुराने बागों में ये दिक्कत ज्यादा है।
मक्खी का नुकसान पहली बार माल्टा में
किसानों ने बताया कि नाशपाती, अमरूद जैसे फलों में मक्खी का नुकसान तो होता ही है, लेकिन इस बार माल्टा में भी पहली बार ये समस्या देखने को मिल रही है। बागवान मुकेश, निशु जैन और कुलदीप ने कहा कि माल्टा का फल कम था, लेकिन रेट 35 से 40 रुपये के आसपास बोले जा रहे हैं। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कीट विज्ञान विभाग प्रमुख डॉ. सुनीता यादव ने बताया कि फ्रूट फ्लाई को रोकने का सबसे अच्छा तरीका ट्रैप लगाना है। किसान यूनिवर्सिटी से ये ट्रैप आसानी से ले सकते हैं। इससे मक्खी को फंसाकर फसल को बचाया जा सकता है।
सिरसा में किन्नू-माल्टा की बागवानी
हरियाणा में किन्नू की बागवानी सबसे ज्यादा 65 हजार एकड़ में होती है। सिरसा में ही 29 हजार एकड़ में किन्नू की खेती है, जिसमें 20% एरिया माल्टा का है। इस बार किन्नू का उत्पादन प्रति एकड़ 50 से 70 क्विंटल तक होने का अनुमान है। रेट 25 से 35 रुपये तक मिलने की उम्मीद है। माल्टा का उत्पादन 30 से 50 क्विंटल प्रति एकड़ होगा और रेट 40 रुपये से ऊपर रह सकता है। जिला बागवानी अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि वे गांव तेजा खेड़ा में निरीक्षण कर बागों को देख रहे हैं। ड्रॉपिंग की समस्या की कोई शिकायत अभी नहीं आई है।













