Moong MSP: Moong MSP purchase: Registration process started for farmers in Madhya Pradesh: मूंग MSP खरीदी (Moong MSP procurement) के लिए मध्यप्रदेश में किसानों के लिए अच्छी खबर है। ग्रीष्मकालीन मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो गई है।
किसानों को 5 जुलाई 2025 तक पंजीयन कराना होगा। सरकार 7 जुलाई से खरीदी शुरू करने की तैयारी में है। नर्मदापुरम सहित 32 जिलों में 132 केंद्र बनाए गए हैं। आइए, इस प्रक्रिया, केंद्रों और किसानों के लिए जरूरी जानकारी को समझते हैं।
पंजीयन और खरीदी की पूरी प्रक्रिया Moong MSP
मध्यप्रदेश सरकार ने मूंग और उड़द की समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। किसानों को 5 जुलाई तक पंजीयन (farmer registration) कराना अनिवार्य है। पंजीयन के दौरान फसल का विवरण, रकबा, और आधार से लिंक बैंक खाता देना होगा।
यह सुनिश्चित करेगा कि भुगतान सीधे किसान के खाते में जाए। स्लॉट बुकिंग सिस्टम लागू रहेगा, जिससे किसानों को तय समय पर उपज लेकर केंद्र पहुंचना होगा। 7 जुलाई से खरीदी (procurement process) शुरू होने की संभावना है।
नर्मदापुरम सहित 32 जिलों में केंद्र
मूंग MSP खरीदी (MSP scheme) के लिए मध्यप्रदेश के 32 जिलों में 132 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। नर्मदापुरम जिले में डोलरिया, इटारसी, पिपरिया, बनखेड़ी, माखननगर, सिवनी मालवा, सोहागपुर और नर्मदापुरम ब्लॉक में केंद्र बनाए गए हैं।
ये केंद्र ग्राम स्तर पर सहकारी समितियों में खोले गए हैं, ताकि किसानों को सुविधा हो। अन्य जिले जैसे नरसिंहपुर, रायसेन, हरदा, सीहोर, और जबलपुर (Madhya Pradesh districts) में भी खरीदी होगी। किसानों को समय पर पंजीयन कराने की सलाह दी गई है।
किसान आंदोलन के बाद लिया फैसला
पिछले कुछ समय से मूंग की MSP पर खरीदी को लेकर किसान संगठनों और विपक्षी दलों ने आंदोलन (farmer protests) किया था। 15 दिन तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद 13 जून को सरकार ने मूंग खरीदी का फैसला लिया। हालांकि, प्रति हेक्टेयर खरीदी की मात्रा अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे किसानों में असमंजस है।
यह फैसला किसानों के लिए राहत है, लेकिन सरकार से और पारदर्शिता की उम्मीद है। किसानों को सलाह है कि वे पंजीयन समय पर करें ताकि खरीदी (agriculture support) में कोई परेशानी न हो।













