Parwal Farming in November: अगर नवंबर में आप ऐसी फसल लगाना चाहते हैं जो आपकी जेब भर दे, तो परवल की खेती बेस्ट ऑप्शन है। देश में ढेर सारी सब्जियां उगाई जाती हैं और बाजार में इनकी डिमांड कभी कम नहीं होती।
यही वजह है कि भारत के किसान बड़े स्तर पर सब्जियों की खेती कर रहे हैं। इस मौसम में परवल की बुवाई करें तो अच्छी कमाई पक्की है। खास बात ये कि परवल की बेल तेजी से बढ़ती है और एक बार बुवाई करने पर कई साल तक फसल मिलती रहती है।
हर राज्य में पसंद, बिहार-बंगाल टॉप प्रोड्यूसर Parwal Farming
परवल की सब्जी पूरे देश में चाव से खाई जाती है। इसकी खेती से किसान सालों तक अच्छी पैदावार ले सकते हैं। मुख्य रूप से ये फसल बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, असम, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में उगाई जाती है। इनमें बिहार और पश्चिम बंगाल सबसे बड़े उत्पादक हैं।
खेत तैयार करें, मिट्टी भुरभुरी करें
अगर परवल की खेती का प्लान है, तो सबसे पहले खेत की अच्छी जुताई करें और मिट्टी को भुरभुरा बना लें।
मंडप बनाएं, बेल तेजी से बढ़ेगी
परवल की खेती में खेत में कई स्टेप्स फॉलो करने पड़ते हैं। क्योंकि परवल की बेल को सहारा देने के लिए बांस या तार का मंडप बनाना जरूरी है। इससे बेल बहुत तेजी से फैलती है।
रोपाई का तरीका: 2.5-3 फीट की दूरी
परवल के पौधे बेल के टुकड़ों से तैयार किए जाते हैं, जिन्हें 2.5 से 3 फीट की दूरी पर लगाते हैं। दोमट या हल्की मिट्टी में बुवाई करें, ये फसल के लिए बेस्ट रहेगी।
परवल की तुड़ाई का समय
परवल की खेती किसानों के लिए फायदेमंद सौदा है। नवंबर में बुवाई करें तो 5-6 महीने बाद यानी अप्रैल-मई में तुड़ाई शुरू हो जाती है। खासियत ये कि एक बार बुवाई से 2 से 3 साल तक लगातार पैदावार मिलती रहती है।
कितनी होगी कमाई?
परवल की डिमांड सर्दी-गर्मी दोनों में बनी रहती है। गर्मियों में दाम ₹40 से ₹100 प्रति किलो तक पहुंच जाते हैं, जिससे कमाई शानदार हो जाती है। एक बीघा खेत में खेती करें तो सालाना ₹60,000 से ₹80,000 तक मुनाफा कमा सकते हैं।













