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RBI का बड़ा फैसला: किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में होगा बदलाव, अब मिट्टी की जांच का खर्च भी मिलेगा

On: फ़रवरी 13, 2026 5:37 अपराह्न
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RBI का बड़ा फैसला: किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में होगा बदलाव, अब मिट्टी की जांच का खर्च भी मिलेगा
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RBI KCC Guidelines 2026: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) स्कीम के लिए संशोधित ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी कर एक कंसोलिडेटेड फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिसका उद्देश्य खेती और उससे जुड़े कार्यों के लिए क्रेडिट कवरेज बढ़ाना और संचालन प्रक्रिया को सरल बनाना है। यह ड्राफ्ट कमर्शियल बैंकों, स्मॉल फाइनेंस बैंकों, रीजनल रूरल बैंकों और रूरल को-ऑपरेटिव बैंकों पर लागू होगा। केंद्रीय बैंक ने 6 मार्च 2026 तक इस पर आम जनता, बैंकों और हितधारकों से वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से सुझाव मांगे हैं।

फसल साइकिल का स्टैंडर्डाइजेशन

प्रस्तावित फ्रेमवर्क में फसल मौसमों को एक समान ढांचे में परिभाषित करने का सुझाव दिया गया है ताकि लोन स्वीकृति और रीपेमेंट शेड्यूल में एकरूपता लाई जा सके। फसल साइकिल को महीनों के आधार पर तय करते हुए कम अवधि वाली फसलों के लिए 12 महीने और लंबी अवधि वाली फसलों के लिए 18 महीने का समय निर्धारित किया गया है। इससे बैंकों और किसानों दोनों के लिए योजना बनाना आसान होगा।

लोन अवधि 6 साल तक बढ़ाने का प्रस्ताव

लंबी अवधि वाली फसलों की उत्पादन समयरेखा को ध्यान में रखते हुए KCC लोन की अधिकतम अवधि 6 साल करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य फसल कटाई और बिक्री के समय के साथ भुगतान शेड्यूल को बेहतर ढंग से जोड़ना है। जब किसान अपनी उपज बाजार में बेचते हैं, उसी अवधि में वे लोन चुकाने की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

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लागत आधारित क्रेडिट और टेक्नोलॉजी समर्थन

ड्राफ्ट गाइडलाइंस के अनुसार, KCC के तहत लोन लिमिट को प्रत्येक फसल सीजन की वास्तविक लागत से जोड़ा जाएगा ताकि किसानों को जरूरत के अनुरूप वित्तीय सहायता मिल सके। इसके साथ ही मिट्टी परीक्षण, रियल-टाइम मौसम पूर्वानुमान और ऑर्गेनिक खेती के प्रमाणन जैसे तकनीकी खर्चों को भी शामिल किया गया है। इन मदों को खेती उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव के लिए निर्धारित 20 प्रतिशत अतिरिक्त प्रावधान में समायोजित किया जाएगा।

अब तकनीकी खर्च भी होंगे कवर

यह ड्राफ्ट गाइडलाइंस इस बात पर जोर देती है कि किसानों को खेती की असली लागत के आधार पर ही क्रेडिट मिले। एक बड़ा बदलाव यह है कि अब खेती में तकनीक के इस्तेमाल पर होने वाले खर्च भी लोन में शामिल होंगे। मिट्टी की टेस्टिंग (Soil Testing), रियल-टाइम मौसम का अनुमान और ऑर्गेनिक खेती के सर्टिफिकेशन जैसे खर्चों को अब खेती के उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव के लिए तय ‘20% अतिरिक्त प्रावधान’ के दायरे में लाया जाएगा।

6 मार्च तक भेजें अपने सुझाव

RBI ने इस ड्राफ्ट पर आम लोगों से 6 मार्च, 2026 तक अपनी वेबसाइट या ईमेल के जरिए राय मांगी है। बता दें कि 1998 में शुरू हुई KCC योजना किसानों को 3 लाख रुपये तक का लोन 4% की प्रभावी ब्याज दर पर उपलब्ध कराती है।

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अमनदीप सिंह

अमनदीप सिंह एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 10 वर्षों से मौसम और कृषि से संबंधित खबरों पर गहन और जानकारीपूर्ण लेख लिख रहे हैं। उनकी स्टोरीज़ मौसम के पूर्वानुमान, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, योजनाओं और चुनौतियों को उजागर करती हैं, जो किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। अमनदीप का लेखन सरल, विश्वसनीय और पाठक-केंद्रित है, जो कृषि समुदाय को बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।

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