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Vermicompost Preparation: 45 दिन में बनाएं केंचुआ खाद! एक्सपर्ट बता रही हैं सीक्रेट फॉर्मूला

On: September 20, 2025 11:55 AM
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Vermicompost Preparation: 45 दिन में बनाएं केंचुआ खाद! एक्सपर्ट बता रही हैं सीक्रेट फॉर्मूला
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Vermicompost Preparation: केंचुआ खाद या वर्मी कंपोस्ट जैविक खाद का कमाल है। किसान भाई केंचुओं की मदद से व्यापारिक स्तर पर खेत में ही इसे आसानी से बना सकते हैं। ये कंपोस्ट सिर्फ 45-60 दिन में तैयार हो जाता है। एक्सपर्ट डॉ. किरण कुमारी, रीजनल सॉइल टेस्टिंग लैब इंचार्ज, केविके, सीसीएसएचएयू, करनाल की राय में, केंचुओं से कचरे को खाद में बदलने के लिए उन्हें नियंत्रित वातावरण में पालना पड़ता है। इसे वर्मीकल्चर कहते हैं। केंचुए कचरा खाकर जो कास्ट निकालते हैं, वो इकट्ठा होकर वर्मी कंपोस्ट बन जाती है। याद रखें, ये सिर्फ छायादार जगह पर ही बनाएं।

20 से 25 दिन पुरानी गोबर की खाद ही इस्तेमाल करें

वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए उपजाऊ खेत की मिट्टी लें। गोबर 20-25 दिन पुराना ही यूज करें। कार्बनिक सामग्री में 60% हिस्सा हो, जैसे पुआल, भूसा, गन्ने की खोई, फसल अवशेष, खरपतवार, पशुओं का बचा चारा या कूड़ा-कर्कट। ये थोड़े सड़े हुए होने चाहिए। वर्मी कंपोस्ट 45-60 दिन में तैयार हो जाता है। जब बैड की ऊपरी लेयर पर चायपत्ती जैसी दानेदार खाद दिखने लगे, तो समझ लें काम बन गया।

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केंचुआ खाद बनाने की आसान विधि

अगर बैड कच्चा है, तो भूसा या पराली की 4-5 इंच मोटी लेयर बिछाएं। पक्के बैड पर 1 इंच मिट्टी की परत डालें। फिर 4 इंच गोबर की लेयर, उसके बाद 1 फीट फसल अवशेष और टॉप पर 2 इंच गोबर। हर लेयर के बाद पानी जरूर छिड़कें। ऐसे बैड पर प्रति वर्ग मीटर कम से कम 500 केंचुए या प्रति क्विंटल सामग्री पर 200 केंचुए डालें।

Vermicompost Preparation: बैड का सही प्रबंधन

सामग्री डालने के बाद पानी बंद कर दें। ऊपर से सूखी खाद को रोज हाथ या खुरपी से इकट्ठा करें। इससे सारे केंचुए नीचे मिट्टी वाली लेयर में चले जाएंगे। फिर ऊपर दोबारा सामग्री डालकर प्रोसेस दोहराएं। अगर खाद ज्यादा गीली हो, तो धूप में हल्का सुखाएं, लेकिन पूरी तरह न सूखने दें। इकट्ठी खाद में केंचुओं के अंडे भी होंगे, तो 2-3 मिमी मेश वाली छलनी से छान लें।

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भूसा या पक्के बैड पर मिट्टी की परत

कुछ दिनों बाद केंचुए बैड के अंदर चले जाएंगे। तब बोरी या पराली से ढकें और पानी डालें। गर्मी में रोज 2-3 बार, सर्दी में एक बार और बारिश में जरूरत भर फव्वारे से पानी छिड़कें। केंचुओं की एक्टिविटी के लिए तापमान 25-30 डिग्री सेल्सियस है। गर्मी में बोरियां डालकर बार-बार पानी दें। ये टिप्स अपनाकर किसान भाई न सिर्फ अपनी फसलें मजबूत बनाएं, बल्कि व्यापार भी शुरू कर दें।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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