जैसे ही तापमान नीचे जाता है, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी पर इसका असर तुरंत दिखने लगता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि निम्न तापमान बैटरी के अंदर मौजूद रासायनिक प्रक्रिया को धीमा कर देता है, जिससे गाड़ी की रेंज और परफॉर्मेंस प्रभावित होती है। भारत में अब EV का चलन तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए सर्दियों में सुरक्षित चार्जिंग आदतों को समझना जरूरी है।
EV विशेषज्ञ और बैटरी रिसर्च इंजीनियर डॉ. आदित्य सिंह कहते हैं
“सर्दियों में गलती से की गई एक साधारण चार्जिंग आदत बैटरी की उम्र को महीनों तक कम कर सकती है, जबकि सही तरीका बैटरी को 20 से 30 प्रतिशत अधिक समय तक चलने में मदद दे सकता है।”
सर्दियों में बैटरी को तुरंत चार्ज पर न लगाएं
जब कार ठंड बाहर खड़ी रहती है, बैटरी पूरी तरह ठंडी हो जाती है। ऐसी स्थिति में अचानक फास्ट चार्जिंग बैटरी सेल पर तनाव पैदा करती है।
बेहतर तरीका यह है कि
कार कुछ मिनट चलाएं,
या प्री हीटिंग मोड ऑन करें।
जैसे ही तापमान सामान्य स्तर पर पहुंचता है, चार्जिंग ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी बन जाती है।
फास्ट चार्जिंग जरूरत पड़ने पर ही करें
सर्दियों में बैटरी तेजी से डिस्चार्ज होती है, इसलिए बहुत लोग बार-बार फास्ट चार्जिंग का सहारा लेते हैं।
लेकिन अध्ययन बताते हैं कि बार-बार फास्ट चार्जिंग बैटरी की हेल्थ को 10 से 15 प्रतिशत तक घटा सकती है।
इसलिए
ज्यादातर चार्जिंग AC चार्जर से करें
फास्ट चार्जिंग को केवल ट्रिप या इमरजेंसी के लिए रखें।
बैटरी को हमेशा 100 प्रतिशत तक चार्ज मत करें
अधिकांश EV निर्माता ठंड में बैटरी को 80 से 90 प्रतिशत तक ही चार्ज रखने की सलाह देते हैं।
लंबे समय तक बैटरी को पूरा चार्ज छोड़ने से सेल स्ट्रेस बढ़ता है, खासकर कम तापमान में।
कम चार्ज पर कार पार्क करने से बचें
ठंड में बैटरी खुद-ब-खुद भी डिस्चार्ज होती है।
अगर वाहन बहुत कम चार्ज पर रातभर पड़ा रहे, तो बैटरी सेल खराब होने का खतरा होता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि
40 से 60 प्रतिशत तक चार्ज लेवल पर ही कार पार्क करें।
चार्जिंग के दौरान केबिन हीटर न चलाएं
चार्जिंग के समय
केबिन हीटर
सीट हीटिंग
बैटरी पर अतिरिक्त लोड डालते हैं। इससे चार्जिंग धीमी और कम प्रभावी होती है।
बेहतर तरीका है
पहले कार को गरम करें
फिर चार्जिंग लगाएं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
भारत में EV बिक्री तेजी से बढ़ रही है और कई शहरों में तापमान 5 डिग्री से भी नीचे पहुंचता है।
अगर उपयोगकर्ता सर्दियों में सही चार्जिंग आदतें नहीं अपनाते,
तो
रेंज कम हो सकती है
बैटरी जल्दी खराब हो सकती है
और रिप्लेसमेंट खर्च 1 से 4 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
सही मेंटेनेंस से बैटरी लाइफ 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है, जो EV मालिकों के लिए बड़ा फायदा है।
आगे क्या
EV निर्माता बैटरी हीटिंग सिस्टम, स्मार्ट चार्जिंग और AI आधारित बैटरी मैनेजमेंट पर काम कर रहे हैं।
आने वाले समय में भारत में भी बैटरी वार्मिंग तकनीक और सॉफ्टवेयर आधारित चार्जिंग अलर्ट आम हो जाएंगे।













