ट्रैफिक चालान कई लोगों के लिए सिरदर्द बन जाते हैं, खासकर तब जब ऑनलाइन पोर्टल पर देर से भुगतान करने पर अतिरिक्त जुर्माना भी लग जाए। ऐसे में लोक अदालत एक बड़ी राहत की तरह सामने आती है। यहां अक्सर पुराने या लंबित चालानों में भारी कटौती मिल जाती है और कई बार मामूली उल्लंघनों के मामले में पूरा जुर्माना माफ भी हो जाता है।
लेकिन एक बात बहुत लोग नजरअंदाज कर देते हैं। लोक अदालत में सिर्फ पहुंच जाना ही काफी नहीं है। सही दस्तावेज, सही चालान और सही श्रेणी का मामला होना जरूरी है। गलत कागज या अधूरी जानकारी आपकी उम्मीदों पर पानी फेर सकती है।
इस गाइड में हम आसान भाषा में समझ रहे हैं कि लोक अदालत में कौन से चालान सेटल कराए जा सकते हैं, किन मामलों पर छूट नहीं मिलती और कौन से दस्तावेज पहले से तैयार रखना जरूरी होता है।
किन तरह के ट्रैफिक चालान लोक अदालत में निपट सकते हैं
लोक अदालत मुख्य रूप से हल्के और गैर-गंभीर ट्रैफिक नियम उल्लंघन वाले मामलों को देखती है। आमतौर पर इनमें शामिल होते हैं:
• हेलमेट या सीट बेल्ट न लगाना
• गति सीमा का उल्लंघन
• गलत या प्रतिबंधित पार्किंग
• रेड लाइट कूदना
• PUC प्रमाणपत्र न होना
• नंबर प्लेट से जुड़े उल्लंघन
• वैध ड्राइविंग लाइसेंस न होना
• चालान में तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी त्रुटियां
कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में लोक अदालत का उद्देश्य अदालतों पर भार कम करना और जनता को एक सरल, त्वरित समाधान प्रदान करना है। ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में हजारों चालान लोक अदालत में निपटाए गए जिनमें 40 से 90 प्रतिशत तक जुर्माना कम हुआ।
किन मामलों में लोक अदालत राहत नहीं देती
कुछ श्रेणियां इतनी गंभीर होती हैं कि उन्हें लोक अदालत में नहीं लिया जाता। इनमें शामिल हैं:
• शराब पीकर वाहन चलाना
• हिट एंड रन
• कोई भी दुर्घटना जिसमें किसी को चोट या मौत हुई हो
• पहले से दर्ज कोर्ट केस या FIR वाले ट्रैफिक मामले
ऐसे मामलों को नियमित न्यायालय में ही निपटाया जाता है क्योंकि इनमें कानूनी प्रक्रिया और जांच ज्यादा गहन होती है।
लोक अदालत में जाने से पहले कौन-कौन से दस्तावेज साथ रखें
दस्तावेज सही हों तो आपका केस जल्दी क्लीयर हो सकता है। आमतौर पर ये डॉक्यूमेंट आवश्यक होते हैं:
• ई चालान या ट्रैफिक नोटिस की प्रिंटेड कॉपी
• वाहन का RC मूल और फोटोकॉपी
• ड्राइविंग लाइसेंस (मूल और कॉपी दोनों बेहतर)
• फोटो आईडी जैसे आधार या वोटर आईडी
• अगर आपने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया है तो टोकन या अपॉइंटमेंट स्लिप
कई राज्यों में बिना ऑनलाइन स्लॉट के लोगों को कतार में खड़ा भी नहीं किया जाता, इसलिए यह कदम नजरअंदाज न करें।
लोक अदालत के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे होता है
• अपने राज्य की ट्रैफिक पुलिस या राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाएं
• वाहन नंबर डालकर लंबित चालान की स्थिति जांचें
• जिन चालानों को आप सेटल कराना चाहते हैं उनका चयन कर आवेदन सबमिट करें
• टोकन या अपॉइंटमेंट स्लिप डाउनलोड कर लें
कई राज्यों में यह प्रक्रिया बेहद सरल है और सिर्फ दो मिनट में पूरी हो जाती है।
लोक अदालत वाले दिन किन बातों का ध्यान रखें
• निर्धारित समय से कम से कम 30 से 45 मिनट पहले पहुंचें
• अपने सभी दस्तावेजों के 2 सेट रखें
• यदि किसी चालान में त्रुटि है तो उसका कारण और प्रमाण साथ रखें
• भीड़ अधिक होती है इसलिए धैर्य रखें
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, शांत और व्यवस्थित रूप से दस्तावेज पेश करने पर आपका चालान जल्दी निपट सकता है और छूट मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।













