टाटा मोटर्स ने अपनी नई Sierra SUV में ऐसे फीचर दिए हैं जो अब तक किसी भारतीय कार में नहीं देखे गए थे। कंपनी पहली बार एक ही वाहन में तीन अलग-अलग डिजिटल स्क्रीन उपलब्ध करवा रही है, जिससे ड्राइविंग और इन-केबिन अनुभव दोनों बेहतर हो जाते हैं। ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम टाटा को टेक-ड्रिवन कारों की प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाता है, खासकर तब जब ग्राहकों की पसंद तेजी से स्मार्ट फीचर्स की तरफ बढ़ रही है।
कैबिन में तीन अलग डिजिटल स्क्रीन, हर यात्री के लिए नियंत्रण
नई Sierra में:
12.3 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, जो पहले Harrier और Safari में दिया गया था
10.25 इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, जो Nexon जैसा आकार रखता है
फ्रंट पैसेंजर के लिए अलग 12.3 इंच स्क्रीन
यह तीसरी स्क्रीन सबसे अलग है। यात्री इससे म्यूजिक, एसी सेटिंग और मीडिया कंट्रोल संभाल सकता है। इससे ड्राइवर को ध्यान भटकाए बिना केबिन कंट्रोल संभव होता है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
एक ऑटो एनालिस्ट का कहना है, “कस्टमर अब केवल पावरट्रेन नहीं, बल्कि इन-कैबिन टेक्नोलॉजी पर भी पैसा खर्च करना चाहता है। Sierra का तीन-स्क्रीन सेटअप इसी मांग को दर्शाता है।”
जेस्चर-सेंसिंग टेलगेट, हाथ भरे हों तब भी काम आसान
SUV में जेस्चर-बेस्ड पावर्ड टेलगेट दिया गया है। पहले यह फीचर Tata Harrier और Safari में मिल चुका है और लोगों ने इसकी सुविधा को सराहा था।
बूट खोलने और बंद करने के लिए बाहर और अंदर बटन मौजूद हैं
अगर हाथ में सामान हो तो बंपर के नीचे पैर हिलाने से बूट अपने आप खुल या बंद हो जाता है
यह फीचर प्रीमियम कारों में आम है, लेकिन इसे व्यापक मास-मार्केट SUV में देना कस्टमर अनुभव को उन्नत करता है।
JBL साउंड सिस्टम और डैशबोर्ड-साउंडबार, सिनेमा जैसा अनुभव
Tata कारें पहले से ही JBL ऑडियो सिस्टम के लिए जानी जाती हैं। Sierra में यह सेटअप:
हाई वॉल्यूम पर भी साफ आवाज देता है
कई EQ प्री-सेट के साथ आता है
और अब इसमें डैशबोर्ड-माउंटेड साउंडबार भी जोड़ा गया है
इसके जरिये केबिन में साउंड क्वालिटी और बेस बेहतर होता है, जो यात्रियों को होम थिएटर जैसे अनुभव का एहसास देता है।
AR आधारित हेड-अप डिस्प्ले, जानकारी सीधे विंडशील्ड पर
SUV में ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले भी शामिल है। इसमें:
स्पीड और ड्राइविंग गाइडेंस सीधे विंडशील्ड पर दिखती है
नेविगेशन और सुरक्षा अलर्ट सामने दिखाई देते रहते हैं
इससे ड्राइवर को बार-बार स्क्रीन देखने की जरूरत नहीं पड़ती और ध्यान सड़क पर बना रहता है। विशेषज्ञ इसे सुरक्षा और सुविधा दोनों दिशाओं में महत्वपूर्ण अपडेट मानते हैं।
भारतीय ट्रैफिक के हिसाब से बेहतर काम करने वाला ADAS
भारत में अब कई कारें लेवल-2 ADAS तकनीक दे रही हैं, लेकिन Tata का सिस्टम भारतीय सड़कों की चुनौतियों को ध्यान में रखकर ट्यून किया गया है।
Sierra का ADAS:
एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल को स्मूद तरीके से संचालित करता है
लेन कीप असिस्ट कार को झटके से हिलाए बिना सेंटर में रखता है
ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग समय पर हस्तक्षेप करती है
हालांकि पूरी तरह सेल्फ ड्राइविंग कारों में अभी समय लगेगा, लेकिन यह फीचर रोड सेफ्टी में बड़ा योगदान देता है।
एक सुरक्षा सलाहकार के अनुसार, “ADAS भारत के अर्बन और हाईवे सेगमेंट में गाड़ी चलाने की थकान और दुर्घटना के जोखिम दोनों को घटाता है।”
SUV बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा
Tata Sierra के फीचर्स यह संकेत देते हैं कि भारतीय बाजार में अब:
डिजिटल सुविधाएं मांग का प्रमुख हिस्सा बन रही हैं
प्रीमियम फीचर अब बड़े शहरों के बजाय, मास सेगमेंट में भी पहुंच रहे हैं
घरेलू कंपनियां तकनीक में अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों को चुनौती दे रही हैं
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाली महीनों में अन्य SUV निर्माता भी मल्टी-स्क्रीन लेआउट और कस्टमर-सेंट्रिक टेक को अपनाएंगे।













