3.25 lakh fake BPL ration cards will be cancelled in Haryana, review will be done on May 1:
हरियाणा सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के राशन कार्डों की सफाई का बड़ा कदम उठाया है। लगभग सवा तीन लाख ऐसे बीपीएल राशन कार्ड रद्द करने की तैयारी है, जिनका इस्तेमाल धारकों ने कई महीनों से नहीं किया।
ये कार्ड या तो फर्जी हैं या फिर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बनाए गए थे। सरकार 1 मई 2025 को इन राशन कार्डों की समीक्षा करेगी, जिसके बाद फर्जी कार्डों को सूची से हटाया जा सकता है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
क्यों हो रही है कार्रवाई fake BPL Ration Cards
खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर के अनुसार, सवा तीन लाख बीपीएल कार्ड धारकों ने न तो राशन लिया और न ही किसी सरकारी योजना का लाभ उठाया। यह संकेत देता है कि ये कार्ड फर्जी हो सकते हैं। हर महीने की पहली तारीख को सरकार बीपीएल कार्डों की संख्या का आकलन करती है।
1 मार्च को राज्य में 51 लाख 97 हजार 984 बीपीएल कार्ड थे, जो 1 अप्रैल तक घटकर 51 लाख 96 हजार 380 रह गए। अब 1 मई की समीक्षा में फर्जी कार्डों की छंटनी की जाएगी। इस प्रक्रिया में सभी कार्डों की जांच और सत्यापन का काम अप्रैल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
वास्तविक लाभार्थियों को मिलेगा हक
सरकार का मकसद है कि बीपीएल योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक पहुंचे। वर्तमान में 51 लाख 96 हजार 380 बीपीएल परिवारों के तहत 1 करोड़ 97 लाख 13 हजार 944 लाभार्थी हैं।
सरकार ने 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों को बीपीएल श्रेणी में शामिल किया है, ताकि उन्हें राशन, पेंशन और अन्य योजनाओं का लाभ मिल सके। लेकिन फर्जी कार्डों की मौजूदगी से वास्तविक जरूरतमंदों का हक छिन रहा है। इसीलिए सरकार ने सख्ती बरतते हुए फर्जी कार्ड रद्द करने का फैसला लिया है।
पेंशन में भी राहत
इसी बीच, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 57,700 लोगों की रुकी हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन को मंजूरी दी है। ये पेंशन पिछले तीन से चार महीनों से विभिन्न कारणों से अटकी थीं, जिनमें नई पेंशन भी शामिल हैं।
इस कदम से हजारों बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं को बड़ी राहत मिली है। सरकार का यह प्रयास दर्शाता है कि वह जरूरतमंदों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।
विपक्ष के सवाल और सरकार का जवाब
विपक्ष ने बीपीएल कार्डों की बड़ी संख्या पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि इतने गरीब हरियाणा में कैसे हैं। जवाब में सरकार ने विधानसभा में स्पष्ट किया कि 1.80 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों को बीपीएल श्रेणी में शामिल किया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों को लाभ मिले।
सरकार ने कहा कि वह केवल फर्जी कार्ड रद्द कर रही है, न कि पात्र लोगों को योजनाओं से वंचित कर रही है। यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगा।
किसानों के लिए सलाह
बीपीएल कार्ड धारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने कार्ड का नियमित उपयोग करें और सरकारी योजनाओं का लाभ लें। जिन लोगों ने लंबे समय से राशन या अन्य सुविधाएं नहीं ली हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपने कार्ड की स्थिति जांच लेनी चाहिए, ताकि रद्द होने से बचा जा सके। यह कदम न केवल व्यवस्था को सुचारु बनाएगा, बल्कि सही लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाएगा।













