Big relief in PF withdrawal Government will increase auto-settlement limit next month: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 7.4 करोड़ से अधिक सक्रिय ग्राहकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्र सरकार जल्द ही प्रोविडेंट फंड (पीएफ) की ऑटो-सेटलमेंट लिमिट को मौजूदा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की योजना बना रही है।
इसके साथ ही, एटीएम और यूपीआई के जरिए पीएफ फंड निकासी की सुविधा भी शुरू हो सकती है। यह कदम नौकरीपेशा लोगों के लिए वित्तीय राहत का रास्ता खोलेगा। आइए जानते हैं, इस नए नियम का क्या है महत्व और यह कैसे बदलेगा आपकी जिंदगी।
Big relief in PF withdrawal: ऑटो-सेटलमेंट लिमिट में पांच गुना बढ़ोतरी
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईपीएफओ का केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) मई 2025 में होने वाली अपनी अगली बैठक में पीएफ एडवांस क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट लिमिट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने को मंजूरी दे सकता है।
वर्तमान में, 1 लाख रुपये से अधिक की निकासी के लिए मैन्युअल वेरिफिकेशन की जरूरत होती है, जिसके कारण कर्मचारियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
नई लिमिट लागू होने के बाद कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के 5 लाख रुपये तक की राशि तुरंत निकाल सकेंगे। यह बदलाव आपात स्थिति में वित्तीय सहायता को और आसान बनाएगा, जैसे कि मेडिकल खर्च, शादी, या घर खरीदने के लिए।
एटीएम और यूपीआई से पीएफ निकासी
सीबीटी की बैठक में एक और क्रांतिकारी फैसला लिया जा सकता है। जून 2025 से कर्मचारी अपने पीएफ फंड को एटीएम और यूपीआई के जरिए निकाल सकेंगे।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑटो-क्लेम सेटलमेंट की रूपरेखा तैयार कर ली है।
इस सुविधा से कर्मचारियों को तुरंत फंड उपलब्ध होगा, जिससे उनकी वित्तीय जरूरतें आसानी से पूरी हो सकेंगी। यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में भी एक बड़ा कदम है, जो पीएफ निकासी को और अधिक सुगम और तेज बनाएगा।
पीएफ निकासी का बढ़ता चलन
ईपीएफओ के आंकड़े बताते हैं कि ऑटो-सेटलमेंट क्लेम की संख्या में पिछले एक साल में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2024 में जहां 9 मिलियन ऑटो-क्लेम सेटलमेंट हुए थे, वहीं वित्त वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 20 मिलियन तक पहुंच गई।
मई 2024 में ऑटो-क्लेम की सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया गया था, जिसका कर्मचारियों को खूब फायदा हुआ। अब 5 लाख रुपये की नई सीमा और यूपीआई सुविधा इस प्रक्रिया को और भी प्रभावी बनाएगी।
कर्मचारियों के लिए क्या मायने रखता है यह बदलाव?
यह नया नियम नौकरीपेशा लोगों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। चाहे वह मेडिकल इमरजेंसी हो, बच्चों की पढ़ाई, या कोई बड़ा खर्च, 5 लाख रुपये तक की तुरंत निकासी कर्मचारियों को आर्थिक तनाव से राहत देगी।
साथ ही, एटीएम और यूपीआई जैसी आधुनिक सुविधाएं समय और मेहनत की बचत करेंगी। यह कदम ईपीएफओ की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो कर्मचारियों की वित्तीय सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देती है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़ी खबरें
अगर आप ईपीएफओ के ग्राहक हैं, तो अपनी केवाईसी डिटेल्स, जैसे आधार, पैन, और बैंक खाता, अपडेट रखें। इससे ऑटो-सेटलमेंट प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आएगी। क्या आप इस नए नियम से उत्साहित हैं?













