BPL plot scheme: Villagers raised the demand for re-survey, hope for justice from the government: (BPL परिवार प्लॉट सर्वे) को लेकर गांव जाहरी के ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी गई। बुधवार को ग्रामीणों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन कर प्रशासन से दोबारा सर्वे कराने की मांग की। उनका कहना है कि पहले किए गए सर्वे में सिर्फ खानापूर्ति की गई और वास्तविक जरूरतमंदों को नजरअंदाज कर दिया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में कई ऐसे बीपीएल परिवार हैं जो 20-25 वर्ग गज के छोटे घरों में रह रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया। वहीं, सर्वे में केवल छह परिवारों को ही पात्र माना गया है। यह (BPL families injustice) के बराबर है।
ज्ञापन सौंपा, सरकार से न्याय की उम्मीद BPL plot scheme
जिला पार्षद संजय बड़वासनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने नगराधीश डॉ. अनमोल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही वीरवार को जिला परिषद के डिप्टी सीईओ और डीपीओ को लिखित शिकायत देने की बात भी कही गई। ग्रामीणों ने कहा कि सरकार (BPL plot scheme) के तहत सभी पात्र परिवारों को जमीन देने की बात कर रही है, लेकिन सर्वे में भारी गड़बड़ी हुई है।
ग्रामीण जोंगेंद्र, प्रदीप, कालू, संदीप, योगेश, कुलदीप, महावीर, कविता, संगीता, सुमित और सुनील ने बताया कि यह (BPL survey complaint) सरकार की योजना के साथ मजाक है। उन्हें उम्मीद है कि दोबारा सर्वे कर सही पात्रों को लाभ दिया जाएगा।
ग्रामीणों की आवाज: “हमें भी चाहिए सम्मानजनक जीवन”
गांव के कई परिवार ऐसे हैं जो वर्षों से छोटे और असुरक्षित घरों में रह रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार की (BPL housing scheme) का लाभ उन्हें भी मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें भी सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार है और इसके लिए जमीन आवंटन जरूरी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि (BPL plot re-survey) जल्द से जल्द कराया जाए ताकि सभी पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सके। यह सिर्फ एक मांग नहीं, बल्कि उनके जीवन की जरूरत है।












