CET exam teachers protest: Teachers refused to do bus duty, raised slogans against the government: CET परीक्षा विरोध हरियाणा (CET exam teachers protest) का मामला रोहतक से सामने आया है, जहां हरियाणा सरकार द्वारा नियुक्त ड्यूटी को अध्यापकों ने सिरे से खारिज कर दिया है। विवाद का केंद्र वह जिम्मेदारी बनी, जिसमें शिक्षकों को CET परीक्षा केंद्रों तक अभ्यर्थियों को बसों में पहुंचाने की ड्यूटी सौंपी गई थी (teachers refuse CET bus transport)।
गुरुवार को प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्य ट्रेनिंग के लिए रोहतक जिला विकास भवन पहुंचे थे। लेकिन ट्रेनिंग के तुरंत बाद अध्यापकों ने ड्यूटी को अपमानजनक बताते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया (teacher protest CET Haryana)। उनका मानना है कि ऐसी जिम्मेदारी उनके पेशे की गरिमा के खिलाफ है और वे किसी भी हालत में यह काम नहीं करेंगे।
ड्यूटी का स्वरूप बना तनाव का कारण, शिक्षक संघ ने जताई नाराजगी CET exam teachers protest
अध्यापक संघ ने स्पष्ट तौर पर सरकार से कहा है कि यदि उन्हें परीक्षा केंद्र पर निगरानी की ड्यूटी दी जाती, तो वह सम्मानजनक होता। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजवीर कादयान ने बयान देते हुए कहा कि बसों में चढ़ाने की ड्यूटी से बच्चों और समाज में गलत संदेश जाएगा (Rajveer Kadyan CET statement)।
उनका कहना है कि यह आदेश शिक्षकों को सार्वजनिक परिवहन में सहायक बना देता है, जो उनके पेशेवर रोल के विपरीत है (exam duty insult teachers)। शिक्षक संघ ने इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है और ड्यूटी का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है (CET exam boycott Haryana)।
🔍 प्रशासन की अपील और अध्यापकों का स्पष्ट विरोध
प्रशासन ने अध्यापकों को समझाने की कोशिश की लेकिन शिक्षक संघ ने साफ शब्दों में इनकार कर दिया (Haryana teacher union protest)। एफएसएल टीम और अन्य विभागीय अधिकारी मौके पर आए, पर अध्यापकों का विरोध बरकरार रहा।
एक अन्य अध्यापिका रमन ने स्पष्ट कहा कि “CET के अभ्यर्थी इतने नादान नहीं हैं कि उन्हें हाथ पकड़कर बस में चढ़ाना पड़े” (CET exam politics)। यह बयान साफ दर्शाता है कि विरोध सिर्फ ड्यूटी के स्वरूप पर है, ना कि परीक्षा या छात्रों के प्रति कोई विरोध।











