Child Protection Haryana: Begging children in Haryana will get a new life, the government has made a plan!: हरियाणा सरकार ने (SMILE rehabilitation scheme) के तहत सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भीख मांगने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने राज्यस्तरीय बैठक में इस योजना की रूपरेखा साझा की। इसमें पुलिस, स्वास्थ्य, श्रम और सामाजिक कल्याण विभागों को एक साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों को केवल भीख मांगने से रोकना नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाना है। (child protection Haryana) के तहत यह पहल बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई Child Protection Haryana
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि (child begging gangs) केवल गरीबी का परिणाम नहीं हैं, बल्कि कई बार यह संगठित अपराध का हिस्सा होते हैं। कुछ गिरोह, मानव तस्कर और यहां तक कि रिश्तेदार भी बच्चों को मजबूर करते हैं कि वे पैसे के लिए भीख मांगें। सरकार अब ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए (police action child begging) और खुफिया सूचना साझा करने की रणनीति पर काम कर रही है।
इस अभियान का लक्ष्य बच्चों को सड़कों से हटाकर उन्हें सुरक्षित वातावरण देना है, साथ ही उन अपराधियों को पकड़ना है जो बच्चों का शोषण करते हैं।
15 दिन में रिपोर्ट और अगली बैठक
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे 15 दिनों के भीतर अपनी प्रगति रिपोर्ट तैयार करें। इसके बाद अगली बैठक में (interdepartmental meeting Haryana) के तहत आगे की रणनीति तय की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर बच्चा जो भीख मांगने को मजबूर है, उसे जल्द से जल्द पुनर्वासित किया जाए।
यह योजना न केवल बच्चों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत भी है। (Haryana child begging) अब एक गंभीर मुद्दा नहीं, बल्कि समाधान की ओर बढ़ता कदम बन चुका है।












