Fire factories in Sonipat: Massive fire in three factories in Kundli, Sonipat: Workers trapped, fire teams engaged in rescue: हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में एक भयावह हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।
फेस 4, सेक्टर 57 में स्थित तीन फैक्ट्रियों में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की चपेट में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए दमकल टीमें और पुलिस युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। इस त्रासदी ने न केवल फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचाया, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं।
आग का तांडव: कुंडली में हड़कंप Fire factories in Sonipat
सोनीपत के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट नंबर 106, 107, और 81 पर बनी तीन फैक्ट्रियों में सुबह अचानक आग भड़क उठी। जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत फैक्ट्रियों के निचले हिस्से से हुई और देखते ही देखते यह ऊपरी मंजिलों तक फैल गई।
प्लॉट 106 और 107 पर फुटवियर निर्माण का काम होता है, जबकि प्लॉट 81 पर मोबाइल से संबंधित सामान बनाया जाता है। आग इतनी भीषण थी कि इसने पूरे इलाके को धुएं के गुबार में लपेट लिया। स्थानीय लोगों और मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई।
मजदूरों की जिंदगी खतरे में
सबसे गंभीर स्थिति तब सामने आई, जब पता चला कि प्लॉट 106 और 107 की फैक्ट्रियों की तीसरी मंजिल पर कई मजदूर फंस गए हैं।
धुएं और आग की लपटों के बीच मजदूरों की जान पर बन आई। प्रत्यक्षदर्शी रमेश कुमार ने बताया, “आग इतनी तेजी से फैली कि मजदूरों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। कुछ लोग चीख रहे थे, लेकिन धुआं इतना था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।” इस हादसे ने मजदूरों की सुरक्षा और फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर कर दिया।
दमकल और पुलिस का बचाव अभियान
आग की सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। दमकल टीमें आग पर काबू पाने और फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल कर रही हैं।
बचाव कार्य में जुटे एक दमकल कर्मी ने बताया, “आग की तीव्रता बहुत ज्यादा है, लेकिन हमारी पूरी कोशिश है कि सभी मजदूरों को सुरक्षित निकाला जाए।” पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। हालांकि, आग की भयावहता के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियां आ रही हैं।
स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोग इस हादसे से डर और गुस्से में हैं। स्थानीय निवासी संतोष देवी ने कहा, “यह पहली बार नहीं है जब कुंडली में फैक्ट्रियों में आग लगी है। प्रशासन को इन फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की जांच करनी चाहिए।”
कई लोगों ने फैक्ट्रियों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी और नियमित निरीक्षण न होने की शिकायत की। इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को लागू करने की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है।
मजदूरों और उनके परिवारों का दर्द
फंसे हुए मजदूरों के परिवार वाले फैक्ट्रियों के बाहर इकट्ठा हो गए हैं और अपने परिजनों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं। एक मजदूर की बहन रीना ने रोते हुए कहा, “मेरा भाई सुबह काम पर गया था।
अब हमें नहीं पता वह सुरक्षित है या नहीं।” इस हादसे ने मजदूरों और उनके परिवारों के सामने अनिश्चितता का पहाड़ खड़ा कर दिया। सोनीपत प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि बचाव कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
अग्नि सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा कुंडली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई फैक्ट्रियों में अग्निशामक यंत्र, आपातकालीन निकास, और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी होती है।
सोनीपत के एक अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ विकास शर्मा ने कहा, “ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और कड़े नियमों की जरूरत है।” यह हादसा प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि औद्योगिक सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।
बचाव कार्य और उम्मीद
दमकल टीमें और पुलिस दिन-रात मेहनत कर रही हैं ताकि फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकाला जा सके। स्थानीय समुदाय भी मदद के लिए आगे आ रहा है। सोनीपत के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सभी मजदूर सुरक्षित बच जाएं। इस बीच, प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस हादसे की जांच हो और भविष्य में ऐसी त्रासदी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।










