गुरुग्राम में ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने भोंडसी से सीधे गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक नए मेट्रो रूट की डीपीआर (DPR) तैयार करने को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही बल्लभगढ़-पलवल, बहादुरगढ़-आसौधा मेट्रो विस्तार और गुरुग्राम-फरीदाबाद के बीच ‘नमो भारत’ ट्रेन प्रोजेक्ट पर भी काम तेज कर दिया गया है।
हरियाणा सरकार ने शहर के सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह हाई-टेक बनाने के लिए ‘भोंडसी से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन’ तक नए मेट्रो रूट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (HMRTC) की बोर्ड बैठक में इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर मुहर लगाई गई है। इस नए रूट के बनने से सोहना रोड और भोंडसी इलाके के लोगों को सीधे रेलवे स्टेशन तक की बाधारहित कनेक्टिविटी मिलेगी और उन्हें घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
सेक्टर-56 से पंचगांव रूट और सिंही में नया डिपो
बैठक के दौरान HMRTC के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्रशेखर खरे ने चल रहे अन्य मेट्रो प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट भी साझा की। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-56 से पंचगांव तक प्रस्तावित एक और नए मेट्रो कॉरिडोर पर तकनीकी अध्ययन शुरू कर दिया गया है।
इसके अलावा, सेक्टर-36A के पास स्थित गांव सिंही में एक विशाल और आधुनिक मेट्रो डिपो विकसित करने का मास्टरप्लान तैयार किया गया है। यह डिपो भविष्य में गुरुग्राम मेट्रो नेटवर्क का मुख्य संचालन केंद्र बनेगा। इससे मानेसर और नए गुरुग्राम के लाखों निवासियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
गुरुग्राम-फरीदाबाद के बीच दौड़ेगी ‘नमो भारत’ ट्रेन
हरियाणा सरकार केवल गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर की कनेक्टिविटी को रफ्तार देने में जुटी है। डॉ. खरे ने स्पष्ट किया कि बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार और बहादुरगढ़-आसौधा लिंक के लिए भी डीपीआर तैयार करने का काम जोरों पर है।
सबसे बड़ी राहत उन हजारों यात्रियों को मिलेगी जो रोजाना फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच सफर करते हैं। इन दोनों औद्योगिक शहरों को ट्रैफिक की समस्या से मुक्त करने के लिए ‘गुरुग्राम-फरीदाबाद नमो भारत ट्रेन’ कॉरिडोर की रूपरेखा भी तेजी से तैयार की जा रही है।
दिल्ली-करनाल और बावल RRTS कॉरिडोर की स्थिति
मेट्रो के अलावा रैपिड रेल (RRTS) नेटवर्क पर भी हरियाणा सरकार ने अपना फोकस बढ़ा दिया है। दिल्ली-पानीपत-करनाल RRTS कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर को वित्तीय स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है।
वहीं, दिल्ली-बावल कॉरिडोर को पीआईबी (PIB) स्तर पर पहले ही हरी झंडी मिल चुकी है। इन सभी परियोजनाओं के धरातल पर उतरते ही आम आदमी को सड़कों के भारी प्रदूषण और जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी और उनका सफर बेहद आरामदायक और सुरक्षित हो जाएगा।
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