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गुरुग्राम का कूड़ा अब सोनीपत में बदलेगा बिजली में, बंधवाड़ी लैंडफिल से राहत की उम्मीद!

On: सितम्बर 11, 2025 7:56 पूर्वाह्न
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गुरुग्राम का कूड़ा अब सोनीपत में बदलेगा बिजली में, बंधवाड़ी लैंडफिल से राहत की उम्मीद!
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गुरुग्राम। गुरुग्राम की बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कूड़े का पहाड़ खत्म होने की उम्मीद जगी है! नगर निगम गुरुग्राम ने बड़ा कदम उठाते हुए प्रतिदिन निकलने वाले 1200 टन कूड़े में से 600 टन को सोनीपत के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे बंधवाड़ी में कूड़े का बोझ कम होगा और पर्यावरण को भी राहत मिलेगी। नगर निगम ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और इस महीने किसी एजेंसी को यह काम सौंपा जाएगा। आइए जानते हैं, इस योजना से क्या बदलाव आएंगे और बंधवाड़ी की स्थिति क्या है।

गुरुग्राम के बंधवाड़ी में कूड़े का पहाड़

बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर 19 मीटर ऊंचा कूड़े का ढेर बन चुका है, जो 62 फुट से भी ज्यादा है। अक्टूबर 2024 तक यहां 8 लाख टन पुराना कूड़ा था, लेकिन निस्तारण न होने से अब तक 5 लाख टन और कूड़ा जमा हो गया है। वर्तमान में 13 लाख टन कूड़ा इस साइट पर पड़ा है। जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक 33.66 लाख टन कूड़े का निस्तारण हुआ, लेकिन इसके बाद भी कूड़ा बढ़ता जा रहा है। जनवरी से 21 नवंबर 2024 तक 17.16 लाख टन कूड़े का निस्तारण हुआ, फिर भी समस्या जस की तस है।

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सोनीपत का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट: कितना कारगर?

सोनीपत के ताजपुर गांव में स्थित जेवीएम का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट अभी आधी क्षमता पर चल रहा है। यह प्लांट रोजाना 600 टन कूड़े का निस्तारण कर 6.7 मेगावाट बिजली बनाता है, हालांकि इसकी क्षमता 1200 टन कूड़ा निस्तारण और 8 मेगावाट बिजली उत्पादन की है। सोनीपत, पानीपत, गन्नौर और समालखा से कूड़ा यहां आता है, जिसमें सोनीपत नगर निगम का 250 टन कूड़ा शामिल है। गुरुग्राम से 600 टन कूड़ा भेजने से इस प्लांट की उपयोगिता और बढ़ेगी। हालांकि, बारिश और सर्दियों में गीला कूड़ा मिलने से बिजली उत्पादन में दिक्कत होती है। पिछले हफ्ते गीले कूड़े के कारण प्लांट तीन दिन बंद रहा।

फरीदाबाद का कूड़ा बंधवाड़ी में नहीं!

गुरुग्राम नगर निगम ने फरीदाबाद नगर निगम को पत्र लिखकर बंधवाड़ी में कूड़ा न भेजने को कहा है। फरीदाबाद से रोजाना 1000 से 1900 टन कूड़ा यहां आता है, जबकि गुरुग्राम से 1200 टन कूड़ा निकलता है। रोजाना 2200 टन से ज्यादा कूड़ा जमा होने और निस्तारण न होने से समस्या गंभीर हो रही है। नगर निगम के एक्सईएन सुंदर श्योराण ने बताया कि सोनीपत प्लांट में कूड़ा भेजने से बंधवाड़ी पर दबाव कम होगा।

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ग्रीन कोयला प्लांट का सपना अधूरा

बंधवाड़ी में ग्रीन कोयला (चारकोल) प्लांट लगाने के लिए एनटीपीसी को 20 एकड़ जमीन चाहिए, लेकिन 30 एकड़ की साइट में 25 एकड़ कूड़े से दबी है। इस कारण 1 मार्च 2025 से प्लांट शुरू करने का काम रुका हुआ है। पहले भी 2021 में दो बार वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का शिलान्यास हुआ, लेकिन प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो सका।

एनजीटी की डेडलाइन और चुनौतियां

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में बंधवाड़ी के कूड़े के निपटारे का मामला लंबित है। 14 अगस्त 2024 को हुई सुनवाई में नगर निगम ने दावा किया कि एक साल में पुराना कूड़ा खत्म कर लिया जाएगा। हालांकि, डेडलाइन पहले भी कई बार बदल चुकी है। कूड़े के निस्तारण की गति बढ़ाने के लिए अब सोनीपत का प्लांट एक उम्मीद बनकर उभरा है।

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अमित गुप्ता

पत्रकारिता में पिछले 30 वर्षों का अनुभव। दैनिक भास्कर, अमर उजाला में पत्रकारिता की। दैनिक भास्कर में 20 वर्षों तक काम किया। अब अपने न्यूज पोर्टल हरियाणा न्यूज पोस्ट (Haryananewspost.com) पर बतौर संपादक काम कर रहा हूं। खबरों के साथ साथ हरियाणा के हर विषय पर पकड़। हरियाणा के खेत खलियान से राजनीति की चौपाल तक, हरियाणा सरकार की नीतियों के साथ साथ शहर के विकास की बात हो या हर विषयवस्तु पर लिखने की धाकड़ पकड़। म्हारा हरियाणा, जय हरियाणा।

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