Harvinder Singh Para Archery: Haryana’s pride increased by winning two gold and one silver in Beijing: हरविंदर सिंह पैरा तीरंदाजी (Harvinder Singh Para Archery) ने बीजिंग में आयोजित पैरा एशियन आर्चरी चैंपियनशिप (1-6 जुलाई 2025) में भारत का परचम लहराया।
हरियाणा के कैथल के इस पैरा तीरंदाज ने अपनी बेजोड़ निशानेबाजी से दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर देश को गर्व से भर दिया। उनकी मेहनत और समर्पण ने न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे भारत को गौरवान्वित किया है। आइए जानते हैं हरविंदर की इस शानदार उपलब्धि की कहानी और उनके प्रेरणादायक सफर के बारे में।
बीजिंग में हरविंदर का जलवा Harvinder Singh Para Archery
पैरा एशियन आर्चरी चैंपियनशिप (Para Asian Archery) में हरविंदर सिंह ने व्यक्तिगत रिकर्व ओपन स्पर्धा में थाईलैंड के नेटसिरी को 7-1 से हराकर पहला स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी सटीक निशानेबाजी ने सभी को हैरान कर दिया।
इसके बाद, मिक्स्ड टीम इवेंट में हरियाणा की भावना के साथ जोड़ी बनाकर उन्होंने चीन की टीम को 5-4 से मात दी और दूसरा स्वर्ण हासिल किया। पुरुष टीम स्पर्धा में भारतीय टीम को चीन से 4-5 से हार मिली, लेकिन हरविंदर ने रजत पदक (Silver Medal) के साथ अपनी छाप छोड़ी। इन तीन पदकों ने हरविंदर को चैंपियनशिप का सितारा बना दिया।
पेरिस से बीजिंग तक: इतिहास रचने की आदत
हरविंदर सिंह का यह पहला कारनामा नहीं है। उन्होंने 2024 पेरिस पैरालंपिक में पुरुषों की व्यक्तिगत रिकर्व ओपन स्पर्धा में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर भारत का पहला पैरालंपिक तीरंदाजी स्वर्ण हासिल किया था। फाइनल में पोलैंड के लुकास सिसजेक को हराते हुए उन्होंने चार बार लक्ष्य के केंद्र को भेदा।
उनकी यह उपलब्धि ऐतिहासिक थी और बीजिंग में भी उन्होंने अपनी काबिलियत को दोहराया। हरविंदर के कोच ने बताया कि उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। यह सफर युवा तीरंदाजों के लिए प्रेरणा है।
हरियाणा का गौरव, देश की शान
हरविंदर सिंह की सफलता ने उनके गृहनगर कैथल और पूरे हरियाणा को गर्व से भर दिया। स्थानीय लोग उनकी उपलब्धियों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। हरविंदर की कहानी मेहनत, हिम्मत, और हौसले की मिसाल है। उनके प्रदर्शन ने पैरा तीरंदाजी (Para Archery Success) को भारत में नई पहचान दी है।
खेल प्रेमी और प्रशंसक उनसे भविष्य में और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। हरविंदर का यह सफर न केवल खेल की दुनिया में, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो मुश्किलों के बावजूद सपने पूरे करना चाहता है।













